आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने संसद में सेना भर्ती का मुद्दा उठाया. उन्होंने अग्निवीर योजना को सेना और भारत माता के साथ छल बताया और 2019 से 2022 के बीच सेना भर्ती की सारी परीक्षाएं पूर्ण कर चुके युवाओं को जॉइनिंग लेटर दिए जाने की भी डिमांड की.
संजय सिंह ने कहा कि भारतीय सेना देश का गौरव है और सेना में भर्ती होना युवाओं का सपना होता है. 2019 से लेकर 2022 तक, थल सेना के लिए नौजवानों ने शारीरिक परीक्षण दिया, चिकित्सकीय परीक्षण दिया और वह परीक्षाएं पास कीं. उन्होंने कहा कि ऐसे युवाओं की संख्या 1 लाख 23 हजार के करीब थी. इसी तरह से वायु सेना के लिए भी सात हजार युवाओं ने परीक्षाएं पास कीं. संजय सिंह ने कहा कि आज वह नौजवान अवसाद, निराशा, पीड़ा में हैं.
उन्होंने कहा कि वह युवा सेना में भर्ती के लिए जो अंतिम चिट्ठी मिलनी चाहिए, उस चिट्ठी की प्रतीक्षा कर रहे हैं. संजय सिंह ने कहा कि भारतीय सेना में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार का नौजवान बड़ी हिम्मत के साथ भर्ती होता है. उसकी मां दूध पिलाती है और वह सुबह दौड़ लगाता है.
उन्होंने कहा कि नौजवान इस सपने के साथ सेना में भर्ती होता है, कि अगर माइनस 50 डिग्री टेंपरेचर में, सियाचीन में भारत माता की रक्षा करने के लिए जरूरत पड़ी, तो अपने प्राणों की आहुति देंगे. प्लस 50 डिग्री टेंपरेचर में भी जरूरत पड़ी, तो जैसलमेर में अपने प्राणों की आहुति देंगे.
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संजय सिंह ने आरोप लगाया कि अग्निवीर जैसी योजना लाकर आपने भारतीय सेना के साथ, भारत माता के साथ छल करने का काम किया है. उन्होंने जौनपुर में सेना के एक जवान हरेंद्र यादव से मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि उसने मुझसे अपनी पीड़ा बताई. हरेंद्र यादव विपक्ष के तमाम नेताओं के सामने, सत्तापक्ष के सामने भी गिड़गिड़ाया, रोया. संजय सिंह ने कहा कि उसकी एक विनती थी, कि सेना का जवान बना है हाथ में बंदूक लेने के लिए, भारत की रक्षा करने के लिए. लेकिन उस जवान से अधिकारियों के ट्रे उठवाए जाते हैं.
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उन्होंने कहा कि सेना में जवान से अधिकारियों की सेवादारी करवाई जाती है. सेना में ये सेवादारी की प्रथा बंद होनी चाहिए. हमारे जवानों का सम्मान बरकरार रहना चाहिए. संजय सिंह ने कहा कि सेना का जवान भारत माता की रक्षा करने के लिए है, किसी अधिकारी की ट्रे उठाने के लिए नहीं है. उन्होंने यह भी डिमांड भी कि कि जिस भर्ती पर आपने सारी परीक्षा पूर्ण करने के बावजूद रोक लगाई है, उनको जॉइनिंग का लेटर दीजिए. उनकी भर्ती कीजिए.