राज्यसभा में शुक्रवार को आसन और विपक्ष के नेता के बीच तीखी तकरार देखने को मिली. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर अपने भाषण का बड़ा हिस्सा रिकॉर्ड से हटा दिए जाने का दावा किया, आसन के फैसले पर सवाल उठाए. वहीं, सभापति ने उनको यह हिदायत दी कि आप चेयर के फैसले पर सवाल नहीं उठा सकते.
दरअसल, हुआ यह कि राज्यसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही चल रही थी. प्रश्नकाल की कार्यवाही के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे खड़े हुए. उन्होंने चार फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अपने भाषण का मुद्दा उठाया. खड़गे ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मैंने यह कहा था कि राष्ट्रीय और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा के लिए यह अच्छा अवसर है. मैंने सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय महत्व के अन्य विषयों पर अपना भाषण रखा था.
उन्होंने कहा कि राज्यसभा की वेबसाइट पर जो भाषण अपलोड किया गया है, उसका अवलोकन किया. खड़गे ने दावा किया कि इसमें मेरे भाषण का एक बड़ा हिस्सा हटा दिया गया है. मेरे भाषण से इस सरकार के कामकाज पर तथ्यों के साथ की गईं मेरी टिप्पणियों और प्रधानमंत्री की नीतियों की आलोचना के पार्ट को हटा दिया गया है. उन्होंने कहा कि मेरा संसदीय जीवन पांच दशक से अधिक है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि लंबे समय तक विधायक और सांसद के रूप में कार्य किया है. संसदीय नियमों के साथ ही मर्यादा, भाषा की मुझे जानकारी है और इसके प्रति सचेत रहा हूं. उन्होंने कहा कि किन बातों को निकाला जा सकता है, इससे भी पूरी तरह से वाकिफ हूं. खड़गे ने कहा कि मेरी जो टिप्पणियां हटाई गई हैं, उनमें कुछ भी असंसदीय नहीं था.
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उन्होंने यह भी कहा कि नियम 261 का उल्लंघन भी नहीं किया है. मेरी बातें धन्यवाद प्रस्ताव के दायरे में ही आती हैं. राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह भी कहा कि मेरे भाषण का इतना बड़ा हिस्सा काट दिया जाना, उसे हटा देना फ्रीडम ऑफ स्पीच के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि मेरे हटाए हिस्से को भाषण कता पार्ट बनाया जाए.
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खड़गे ने सभापति से न्याय की अपील की और कहा कि अगर आपसे मुझे न्याय नहीं मिलता है, तो अनरिकॉर्डेड हिस्से को हम जनता के बीच शेयर करने के लिए विवश होंगे, मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह भी स्पष्ट कहा कि तब आप मुझसे यह मत कहिएगा कि नियमों का उल्लंघन किया है. इस पर सीपी राधाकृष्णन ने आपत्ति की और कहा कि यह सही नहीं है. आप ऐसे नहीं कह सकते. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि आपको मोदी जी को प्रोटेक्ट नहीं करना चाहिए. वह इस सदन के सदस्य नहीं हैं.
वित्त मंत्री ने की आपत्ति
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे जब बोल रहे थे, नेता सदन जेपी नड्डा मौजूद नहीं थे. ऐसे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आपत्ति की. उन्होंने रूल बुक से नियम बताते हुए कहा कि विपक्ष के नेता चेयरमैन को निर्देश नहीं दे सकते. फैसला क्या होगा, ये चेयर की कॉल होगी. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कुछ कहा, जिस पर भड़के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें यह हिदायत दी कि आप चेयर पर सवाल नहीं उठा सकते. सभापति ने इसके बाद प्रश्नकाल की कार्यवाही जारी रखी.