तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. बागी विधायकों ने पार्टी के बैंक खातों की जांच की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है. पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास के खुद को 'कोषाध्यक्ष' बताते हुए बैंक अधिकारियों को पत्र लिखकर तृणमूल के खातों से लेन-देन रोकने का अनुरोध किया.
ऐसे में अब तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक खातों से जुड़े विवाद में एक नया मोड़ आया है. अब, ऋतब्रता बनर्जी के करीबी 10 तृणमूल विधायकों ने पार्टी से जुड़े कुछ बैंक खातों के लेन-देन की जांच की मांग की है. इन विधायकों ने बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत में विशेष रूप से उन तीन खातों के लेन-देन को संदिग्ध बताया गया, जिनका ज़िक्र पहले अरूप बिस्वास के पत्र में किया गया था और आशंका जताई गई कि उनमें अवैध या अपारदर्शी स्रोतों से धन जमा किया गया हो सकता है.
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शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इन खातों का इस्तेमाल करके अवैध गतिविधियों जैसे कि बेईमानीपूर्ण वित्तीय लेन-देन, गबन और अवैध धन उगाही से प्राप्त धन को रखने के लिए किया गया था. उन्हें आशंका है कि इस धन को इलेक्ट्रॉनिक संचार प्रणालियों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग करके स्थानांतरित किया गया था, संभवतः मूल स्रोत को छिपाने के प्रयास में.
हालांकि, उनके पास धन के वास्तविक स्रोत, इसमें शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान या लेन-देन की पूरी श्रृंखला के बारे में विशिष्ट जानकारी नहीं है. उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन को सूचित किया कि अगर त्वरित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो संबंधित सबूतों को नष्ट करने, छिपाने या उनके साथ छेड़छाड़ करने का जोखिम है.