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Agneepath scheme: अग्निपथ स्कीम पर बवाल के बाद डैमेज कंट्रोल में जुटी सरकार, रक्षा मंत्री की आज अहम बैठक

Agneepath scheme: केंद्र सरकार ने दो साल से कोरोना के कारण सेना भर्ती न होने से उम्र पार कर चुके युवाओं को बड़ी राहत दी है. ऐसा युवा अब अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती हो सकेंगे. सरकार ने इस योजना के तहत उम्मीदवारों की आयु सीमा 21 साल से बढ़ाकर 23 साल कर दी है. हालांकि यह सीमा इस साल के लिए बढ़ाई गई है.

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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आज सुबह 11:30 बजे सैन्य अफसरों के साथ करेंगे बैठक (फाइल फोटो)
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आज सुबह 11:30 बजे सैन्य अफसरों के साथ करेंगे बैठक (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हर साल 45 हजार युवा होंगे भर्ती
  • 6 महीने की दी जाएगी बेसिक ट्रेनिंग
  • अग्निवीरों की 40 हजार महीना होगी सैलरी

Protest On Agneepath: केंद्र की नई सेना भर्ती योजना 'अग्निपथ' के खिलाफ उत्तर भारत में पिछले तीन दिन से हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं.  इस बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सेना के शीर्ष अधिकारियों की एक बैठक बुला दी है. यह बैठक आज सुबह 11:30 बजे होगी. इस बैठक में अग्निपथ योजना को लेकर भी चर्चा हो सकती है.

मालूम हो कि इस योजना के खिलाफ बिहार, यूपी, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान समेत 13 राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं. वहीं छात्रों का विरोध देखते हुए विपक्ष के साथ-साथ बीजेपी नेता और बीजेपी के सहयोगी दल भी इस योजना पर फिर से विचार करने की अपील कर रहे हैं.  

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जानिए सहयोगी दलों ने क्या दिए बयान

- पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अग्निपथ योजना पर पुनर्विचार करने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि यह लंबे समय से मौजूद रेजिमेंट के विशिष्ट लोकाचार को कमजोर करेगा. उन्होंने आश्चर्य जताया कि सरकार को भर्ती नीति में इस तरह के मौलिक बदलाव करने की आवश्यकता क्यों पड़ी, जबकि इतने सालों से देश के लिए बेहतर तरीके से काम कर रही है.

- सांसद वरुण गांधी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर कहा कि 'अग्निपथ' योजना को लेकर देश के युवाओं के मन में कई सवाल हैं. युवाओं को असमंजस की स्थिति से बाहर निकालने के लिए सरकार अतिशीघ्र योजना से जुड़े नीतिगत तथ्यों को सामने रख कर अपना पक्ष साफ करे. 

- बिहार के ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि केंद्र सरकार से इस योजना पर पुनर्विचार करने की अपील की है. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि अग्निपथ नीति को लेकर युवाओं और नौजवानों के समाने उनका भविष्य खतरा मंडरा रहा है. वहीं संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि केंद्र को छात्रों से बात करनी चाहिए, ताकि मामले को शांत किया जा सके. 

सैन्य विशेषज्ञ भी कर रहे हैं योजना का विरोध

- पीके सहगल ने कहा क सरकार की यह बहुत खराब स्कीम है. 46 हजार लोगों को एक साथ भर्ती करने का जो प्लान सरकार ने अग्निपथ स्कीम के तहत तैयार किया है, यहां लोग आएंगे तो. फौज को ज्वाइन करेंगे लेकिन चार साल बाद उन्हें निराशा हाथ लग सकती है. 

- पीके सहगल ने कहा कि चार साल बार रोजगार ने मिलने की स्थिति में इन अग्निवीरों को आसानी से रेडिकलाइज किया जा सकता है. आसानी से इनको दूसरे कामों में लगाया जा सकता है. ऐसे में यह देश के लिए चुनौती साबित हो सकते हैं. 

- पीके सहगल ने कहा कि एक बेहतर जवान को आर्मी में तैयार होने में 7-8 साल लग जाते हैं. ऐसे में जो अग्निवीर हैं जिनको 6 महीने की सिर्फ ट्रेनिंग दी जाएगी. वह कैसे बेहतर सैनिक बन पाएगा.

- पीके सहगल कहते हैं कि अगर सीमा पर इन अग्निवीरों को किया जाता है तो उससे नुकसान होगा. यह रॉ सोल्जर होंगे इनके लिए मैन बिहाइंड मशीन का मोराल उस तरीके से नहीं होगा, जो पुराने सैनिकों का होता है.  

- लेफ्टिनेंट जनरल शंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार की इस योजना से देश की सुरक्षा को खतरा हो सकता है. हम युद्ध के लिए फौज तैयार करते हैं जिससे युद्ध जीत सके. युद्ध में हम रनर अप नहीं बन सकते हमें विनर बनना पड़ेगा, तभी हम देश की सुरक्षा कर सकते हैं.

- रक्षा विशेषज्ञ ब्रिगेडियर (रिटा.) वी. महालिंगम ने कहा कि कोई सेना मेहमान सैनिकों (Guest Soldiers) के दम पर युद्ध नहीं जीत सकती. इससे सेना खराब हो जाती है. अगर मेहमान सैनिक किसी स्थिति में घबराकर भागता है तो उसका दुष्प्रभाव उसकी यूनिट के बाकी सदस्यों पर भी पड़ता है. 

बिहार में आज छात्रों ने बुलाया बंद

योजना का सबसे ज्यादा विरोध बिहार में देखने को मिल रहा है. बिहार में कई छात्र संगठनों ने आज प्रदेशव्यापी बंद बुलाया है. जिसका राष्ट्रीय जनता दल (RJD), हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (HAM) और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) ने समर्थन किया है. 

जानकारी के मुताबिक दानापुर रेल मंडल को ये उग्र प्रदर्शनकारी अभी तक 226 करोड़ का नुकसान पहुंचा चुके हैं. वे अब तक 50 बोगियों और 7 इंजनों को आग के हवाले कर चुके हैं.

UP में 260 अरेस्ट, बिहार में 650 पर केस

बिहार, हरियाणा और तेलंगाना सहित कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है. लेकिन सबसे ज्यादा गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश में हुई है. यूपी में अब तक 260 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 

वहीं बिहार में हिंसक प्रदर्शन करने के मामले में 650 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. वहीं करीब 30 उपद्रवियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. 

 

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