लोकसभा में बजट सत्र के चौथे दिन जहां कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित हुई थी, पांचवें दिन धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत हुई तो कांटा वहीं अटका रहा. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने की. राहुल गांधी ने अपने स्पीच की शुरुआत करते हुए कहा कि कल मैंने एक आर्टिकल के आधार पर अपना भाषण शुरू किया था. अब मैं चाहता हूं कि उस आर्टिकल को ऑथेंटिकेट (प्रमाणित) किया जाए.
उन्होंने आगे कहा कि मैंने कल कहा था, राष्ट्रपति के अभिभाषण में जो मुद्दा है, वह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है. अमेरिका, चीन और पाकिस्तान के बीच संबंधों का सवाल है. राहुल गांधी ने कहा कि इस आर्टिकल में यह बात कोट की गई है और मैंने इसे ऑथेंटिकेट कर दिया है. इस पर पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि आप इसे सदन के पटल पर रखिए, हम इसकी जांच करेंगे और आपको बताएंगे. उन्होंने राहुल गांधी से अनुरोध किया कि वे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर ही बोलें.
राहुल गांधी ने लद्दाख का मुद्दा उठाया, जिस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति की. रिजिजू ने कहा कि कल स्पीकर ने इस पर रूलिंग दे दी थी. जब किसी मामले पर एक बार रूलिंग हो चुकी हो, तो उसी मुद्दे को दोबारा नहीं उठाया जा सकता. रिजिजू ने केसी वेणुगोपाल का भी नाम ले लिया. इसके बाद केसी वेणुगोपाल भी अपनी सीट पर खड़े हो गए. वेणुगोपाल ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री सदन को गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने सदन में कहा कि रिजिजू ने उन्हें और गौरव गोगोई को फोन किया था.
पीठासीन और वेणुगोपाल के बीच तल्ख बात चल ही रही थी कि पीछे से किसी ने यार कह दिया. इसके बाद भड़के पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने वेणुगोपाल को रोकते हुए उस सदस्य से कहा- आपने अभी क्या कहा? यह ‘यार’ क्या है? आप इस तरह चेयर से बात नहीं कर सकते. उन्होंने राहुल गांधी से बोलने के लिए कहा और ये भी जोड़ा कि आपको राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने का समय दिया गया है. पीठासीन ने वेणुगोपाल से कहा कि मैं उन्हें अवसर दे रहा हूं, वे बूोल सकते हैं. उन्हें (राहुल गांधी को) आपके समर्थन की जरूरत नहीं है.
इस पर राहुल गांधी ने कहा कि स्पीकर सर, यह कोई इजाजत नहीं है जो मुझे दी गई है. मैं इस देश का विपक्ष का नेता हूं. आप मुझे बोलने की अनुमति नहीं देते, यह मेरा अधिकार है. उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में उस रास्ते की बात है, जिस पर भारत को चलना है. उस दिशा की बात है, जिस दिशा में भारत को आगे बढ़ना है. राहुल गांधी ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय मामलों में सबसे बड़ा मुद्दा चीन और अमेरिका के बीच का टकराव है. यह हमारे राष्ट्रपति के अभिभाषण और हमारे बजट, दोनों का केंद्रीय विषय है.
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उन्होंने कहा कि अगर मैं यह बयान देना चाहता हूं कि भारत और चीन के बीच क्या हुआ, तो मुझे क्यों रोका जा रहा है? राहुल गांधी ने आगे कहा, पूर्वी लद्दाख में संघर्ष हुआ था. हमारे सैनिक मारे गए थे. राहुल गांधी के इतना कहते ही सत्तापक्ष के सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया. पीठासीन ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा कि हमने उनको बार-बार कहा है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलें. इसके बाद उन्होंने अगले वक्ता के रूप में समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश उत्तम पटेल का नाम ले लिया.
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सपा सांसद नरेश उत्तम बोलने नहीं उठे. इसके बाद पीठासीन ने टीएमसी की सांसद शताब्दी रॉय और एक अन्य सांसद का नाम लिया, लेकिन विपक्षी सांसदों ने भी राहुल गांधी के समर्थन में बोलने से इनकार कर दिया. विपक्षी सांसदों के इनकार के बाद तेन्नेटी ने एनडीए के एक सांसद का नाम लिया और कार्यवाही जारी रखी. विपक्षी सांसद वेल में आ गए और जोरदार नारेबाजी करते हुए आसन की ओर कागज भी उछाले. जोरदार हंगामे और चेयर पर कागज फेंके जाने के बाद पीठासीन ने सदन की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.