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'सिस्टम को स्टूडेंट नहीं, अंधभक्त चाहिए...', इंदौर से राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला

इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों से बात कर रहे हैं. अपने संबोधन में वह सिस्टम, डेमोक्रेसी और छात्रों के सवाल पूछने की आदत पर अपनी बात रख रहे हैं. इसी दौरान उन्होंने 'अंधभक्त' शब्द का इस्तेमाल करते हुए भी कई सवाल उठाए हैं.

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'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी. (Photo: X/ @INCIndia)
'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी. (Photo: X/ @INCIndia)

इंदौर के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों को संबोधित कर रहे हैं. उन्होंने सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसे स्टूडेंट नहीं, अंधभक्त चाहिए. राहुल गांधी के मुताबिक, स्टूडेंट सवाल पूछता है, जिज्ञासु होता है. यही वजह है कि सिस्टम को उससे खतरा लगता है.

उन्होंने न्यायपालिका, दूसरी संस्थाओं और चुनाव आयोग को लेकर भी सवाल उठाए. राहुल गांधी के मुताबिक, स्टूडेंट हर बात को चुपचाप स्वीकार नहीं करता. वह पूछता है कि संस्थाएं अपना काम ठीक से क्यों नहीं कर रही हैं. उनके भाषण का बड़ा हिस्सा इसी सवाल पर केंद्रित रहा कि युवाओं में सवाल करने की आदत बनी रहनी चाहिए.

इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि छात्र किसी बात को सिर्फ इसलिए नहीं मानता क्योंकि उसे ऐसा बताया गया है. वह उसकी वजह जानना चाहता है. इसी बात को उन्होंने सिस्टम के लिए खतरे से जोड़ा. उन्होंने 'अंधभक्त' शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि ऐसी सोच सवाल नहीं करती. राहुल के मुताबिक, सिस्टम ऐसे लोगों को बढ़ावा देता है जो जवाब मांगने की जगह हर बात को मान लेते हैं.

राहुल गांधी ने स्टूडेंट की सोच को मोहब्बत, सम्मान और विनम्रता से जोड़कर समझाया. उनका कहना था कि छात्र दूसरे की बात सुनता है. वह सवाल करता है, फिर अपनी बात रखता है. इसके उलट उन्होंने 'अंधभक्त' शब्द के साथ नफरत, अहंकार तथा डर का जिक्र किया. महिलाओं के सम्मान की बात करते हुए भी उन्होंने कहा कि छात्र महिलाओं का सम्मान करता है, जबकि अंधभक्त वाली सोच में महिलाओं के अपमान की जगह बनती है.

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पेपर लीक और रोजगार पर भी बोले

राहुल गांधी ने छात्रों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि स्टूडेंट पूछता है कि स्कूल-कॉलेजों की हालत ऐसी क्यों है. पेपर लीक क्यों हो रहे हैं. युवाओं को रोजगार क्यों नहीं मिल रहा. उन्होंने कहा कि छात्र ही ऐसे सवाल उठाता है. इसी वजह से उनकी बात सुनी जानी चाहिए. कार्यक्रम में वह शिक्षा से लेकर रोजगार तक के मुद्दों को छात्रों की आवाज से जोड़ रहे हैं.

छात्रों ने मंच से बताई अपनी परेशानी

कार्यक्रम में छात्रों ने भी अपनी समस्याएं रखीं. एक छात्र ने आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं, जमीन के पट्टों, खाली पदों तथा सरकारी हॉस्टलों की स्थिति का मुद्दा उठाया. उसने आरोप लगाया कि इन समस्याओं को उठाने वाले युवाओं को परेशान किया जाता है. एक दूसरे छात्र ने सरकारी भर्ती और पेपर लीक की शिकायत की. उसने दावा किया कि भर्ती से जुड़े सवाल उठाने पर छात्रों पर केस किए जाते हैं और उन्हें जेल तक जाना पड़ा. उसने सरकारी नौकरियों में खाली पदों को भरने की मांग भी रखी.

एक छात्र ने विश्वविद्यालय में दाखिले और मूल्यांकन से जुड़ी शिकायत सामने रखी. उसका आरोप था कि मेरिट के बावजूद उसे मास्टर्स में प्रवेश नहीं मिला. स्कोर शीट मांगने पर भी उसे परेशानी हुई.

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राहुल गांधी छात्रों की ये बातें सुन रहे हैं. अपने संबोधन में वह बार-बार एक ही बात पर जोर दे रहे हैं कि युवा सवाल करे, अपनी आवाज उठाए तथा जवाब मांगे.
 


यह खबर शुरुआती सूचनाओं के साथ प्रकाशित की गई है. जल्द नए अपडेट्स जोड़े जाएंगे.

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