भारत ने शनिवार को कोविड से संबंधित प्रौद्योगिकियों पर ट्रिप्स (ट्रेड रिलेटेड एस्पेक्टस ऑफ इनटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स) छूट के लिए G-7 समूह से समर्थन मांगा है. इंग्लैंड के कॉर्नवेल में इस समय G-7 सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं के बीच शिखर-स्तरीय बैठक चल रही है. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में वैश्विक स्वास्थ्य शासन में सुधार को लेकर सामूहिक प्रयासों के लिए भारत के सहयोग की प्रतिबद्धता जतायी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जिन्होंने G7 शिखर सम्मेलन के 'बिल्डिंग बैक स्ट्रॉन्गर - हेल्थ' नाम के पहले आउटरीच सत्र में हिस्सा लिया, ने कोरोनो महामारी से ग्लोबल रिकवरी और भविष्य की महामारी को रोकने के लिए वैश्विक एकजुटता, तालमेल और नेतृत्व का आह्वान भी किया. पीएम मोदी ने इन चुनौतियों से निपटने के लिए लोकतांत्रिक और पारदर्शी समाजों की विशेष जिम्मेदारी पर भी जोर दिया.
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक स्वास्थ्य शासन में सुधार को लेकर सामूहिक प्रयासों के लिए भारत के सहयोग की प्रतिबद्धता जताई. उन्होंने कोरोना संबंधी प्रौद्योगिकियों पर ट्रिप्स के लिए भारत और दक्षिण अफ्रीका द्वारा विश्व व्यापार संगठन (WTO) में दिए गए प्रस्ताव पर जी-7 के समर्थन का भी अनुरोध किया.
एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य का संदेशः PM मोदी
एक ऐतिहासिक कदम में, भारत और दक्षिण अफ्रीका ने 2 अक्टूबर 2020 को विश्व व्यापार संगठन (WTO) से महामारी के दौरान ग्लोबल हर्ड इम्युनिटी हासिल होने तक सभी देशों को कोरोना की दवाओं, टीकों से संबंधित पेटेंट और अन्य बौद्धिक संपदा (IP) का न तो अनुदान देने और न ही लागू करने की अनुमति देने के लिए कहा था.
कोविड से संबंधित सभी प्रौद्योगिकियों के लिए ट्रिप्स छूट के प्रस्ताव को विभिन्न रूपों में समर्थन मिला है. जबकि सूत्रों का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया और अन्य लोग इसके समर्थन में दृढ़ता से सामने आए हैं, तो वहीं अमेरिका ने वैक्सीन प्रौद्योगिकी पर बौद्धिक संपदा अधिकारों की छूट के लिए समर्थन की घोषणा की है.
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सम्मेलन में वर्चुअली हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज की बैठक से पूरी दुनिया के लिए "एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य" का संदेश जाना चाहिए.
भविष्य की महामारियों को रोकने के लिए वैश्विक एकता, नेतृत्व और एकजुटता का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इस संबंध में लोकतांत्रिक और पारदर्शी समाजों की विशेष जिम्मेदारी पर जोर दिया.
WHO प्रमुख बोले- वैक्सीन शेयरिंग का काम तेजी से हो
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख ने G-7 शिखर सम्मेलन में वैक्सीन शेयरिंग ऐलान का स्वागत किया है, हालांकि यह भी कहा कि हमें और अधिक की आवश्यकता है, और हमें उसमे तेजी लाने की जरुरत है.
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस एडनॉम घेब्येयियस ने शनिवार को दक्षिण पश्चिम इंग्लैंड में एक सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा कि चुनौती, मैंने G-7 के नेताओं से कहा कि महामारी को खत्म करने के लिए हमारा लक्ष्य दुनिया की कम से कम 70% आबादी का टीकाकरण कराया जाना चाहिए, अगले साल जर्मनी में G-7 सम्मेलन से पहले. उन्होंने कहा कि ऐसा करने के लिए, हमें 11 बिलियन डोज की जरुरत है.
शिखर सम्मेलन के मेजबान, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि ग्रुप कम से कम 1 बिलियन डोज देने का वादा करेगा, जिसमें से आधी संख्या संयुक्त राज्य अमेरिका से और 100 मिलियन ब्रिटेन से अगले साल मिलेगी.