प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से फोन पर बातचीत की और कहा कि वह शीघ्र ही ब्राजीली राष्ट्रपति का भारत में स्वागत करेंगे. विदेश मंत्रालय ने उनकी भारत यात्रा के कार्यक्रम की घोषणा अभी नहीं की है. प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत और ब्राजील के बीच घनिष्ठ सहयोग ग्लोबल साउथ के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए बेहद अहम है. अमेरिकी टैरिफ के बढ़ते दबाव के बीच इस वर्ष भारत और ब्राजील के बीच राजनयिक गतिविधियों के तेज होने की संभावना है, इसी पृष्ठभूमि में ब्राजीली राष्ट्रपति भारत का दौरा करेंगे.
फोन वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत–ब्राजील रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति को रेखांकित किया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, 'राष्ट्रपति लूला से बात करके खुशी हुई. हमने भारत–ब्राजील रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की, जो आने वाले वर्ष में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है.' उन्होंने आगे कहा, 'हमारा करीबी सहयोग ग्लोबल साउथ के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. मैं जल्द ही भारत में उनका स्वागत करने को उत्सुक हूं.'
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इससे पहले दोनों नेताओं के बीच पिछले साल अगस्त में भी बातचीत हुई थी, जिसमें हालिया वैश्विक घटनाक्रमों की समीक्षा की गई थी. उस बातचीत के दौरान राष्ट्रपति लूला ने अमेरिका द्वारा लगाए गए नए टैरिफ का मुद्दा उठाया था. ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने बताया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दोनों देशों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी और इसे वॉशिंगटन का एकतरफा फैसला बताया था. हालांकि, नवंबर में ट्रंप ने ब्राजील के कुछ खाद्य उत्पादों पर लगाए गए 40 प्रतिशत टैरिफ वापस ले लिए थे.
राष्ट्रपति लूला इससे पहले भी इन व्यापारिक उपायों के प्रभाव पर चिंता जताते हुए कह चुके हैं, 'राष्ट्रपति ट्रंप जो कर रहे हैं, वह परोक्ष रूप से बहुपक्षवाद को कमजोर करने की कोशिश है.' भारत–ब्राजील व्यापार में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. वित्त वर्ष 2024–25 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 12.19 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जिससे ब्राजील लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है. दोनों नेताओं ने संपर्क बनाए रखने और कृषि, स्वास्थ्य तथा लोगों से लोगों के बीच संपर्क (पीपल-टू-पीपल टाईज) जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई.