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'ताकतवर देश के डिप्टी PM बेटी को बॉलीवुड में लॉन्च कराना चाहते हैं', पीयूष गोयल बोले- वो मेरे पीछे पड़े हैं

पीयूष गोयल ने बॉलीवुड को भारत का सबसे बड़ा सांस्कृतिक निर्यात बताते हुए एक विदेशी डिप्टी पीएम से जुड़ा किस्सा सुनाया. उन्होंने कहा कि उस नेता की बेटी बॉलीवुड में काम करना चाहती है. गोयल के इस बयान पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने तंज कसा.

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पीयूष गोयल ने विदेशी डिप्टी पीएम की बेटी के बॉलीवुड में काम करने की इच्छा का सुनाया किस्सा.  (Photo: Reuters)
पीयूष गोयल ने विदेशी डिप्टी पीएम की बेटी के बॉलीवुड में काम करने की इच्छा का सुनाया किस्सा. (Photo: Reuters)

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बॉलीवुड को भारत का सबसे बड़ा सांस्कृतिक निर्यात बताते हुए कहा कि यह दुनिया भर में पहचाना जाने वाला ब्रांड है. नई दिल्ली में आयोजित 4th Festival of Ideas में बोलते हुए गोयल ने इस विचार को खारिज किया कि भारत वैश्विक ब्रांड बनाने में असफल रहा है. उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत उसके लोगों, प्रतिभा और बॉलीवुड जैसे सांस्कृतिक में है.

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की वैश्विक पहुंच को बताने के लिए गोयल ने एक विदेशी नेता से जुड़ा किस्सा भी साझा किया. उन्होंने कहा, 'मेरे पीछे दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों में से एक के डिप्टी प्रधानमंत्री पड़े हुए हैं, क्योंकि उनकी बेटी बॉलीवुड के साथ काम करना चाहती है.'

गोयल के इस बयान पर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने निशाना साधा. उन्होंने सवाल किया कि क्या गोयल 'बीजेपी के बाद के करियर के लिए ऑडिशन' दे रहे हैं. खेड़ा ने एक्स पर लिखा, 'दिन में वाणिज्य मंत्री, रात में बॉलीवुड कास्टिंग एजेंट.'

 वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर बहस

गोयल की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब कुछ दिन पहले भारत-नीदरलैंड बिजनेस फोरम में निवेशकों से बातचीत के दौरान काम के घंटों और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर उनके बयान पर बहस छिड़ गई थी.

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भारत को निवेश के लिए बेहतर जगह बताते हुए गोयल ने कहा था, 'भारतीय कड़ी मेहनत करना चाहते हैं. भारत में कोई आपको शाम 5 बजे नहीं बताएगा. और निश्चित तौर पर कोई भारतीय आपको यह याद नहीं दिलाएगा कि वीकेंड है.' केरल आईटी वर्कर्स यूनियन (KITU) समेत आलोचकों ने गोयल पर लंबे काम के घंटों और बर्नआउट को बढ़ावा देने और वर्क-लाइफ बैलेंस को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया था. यूनियन ने इसकी तुलना इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति की ओर से शुरू हुई काम के घंटों की बहस से की.

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