parliament संसद के चालू मॉनसून सत्र के चौथे दिन संसद परिसर में सत्तापक्ष और विपक्ष के सांसद आमने-सामने आ गए. नीट पेपर लीक और छात्रों के प्रोटेस्ट पर लाठीचार्ज को लेकर दोनों पक्ष के सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया. संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा है कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड दिया जाएगा.
पीएम मोदी के ऐलान के बावजूद विपक्ष के रुख में कोई नरमी नहीं आई है. विपक्ष धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है. विपक्ष दोनों सदनों में स्थगन प्रस्ताव के तहत इस विषय पर चर्चा चाहता है. हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होते ही 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सच को जिंदा रहने के लिए मर जाएंगे. ये दिल ये जान सब कुर्बान कर जाएंगे. मगर देश से अन्याय मिटाने के लिए हर चुनौती से टकरा जाएंगे. तुम्हारा तो सिर्फ वक्त है.... खड़गे ने अभी इतना बोला ही था कि चेयर से उपसभापति ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से बोलने के लिए कहा. संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने कहा कि खड़गे जी ऐसे ही करते रहते हैं. विषय पर चर्चा शुरू करने के लिए फॉर्मल डिस्कशन पर बात कर रहे हैं, वो लिखकर ले के फिर प्रोटेस्ट कर रहे हैं. ऐसे तो नहीं चल सकता. चेयर से उपसभापति हरिवंश ने कहा कि मैंने सदन चलाने के लिए ही प्रस्ताव पर बोलने का आग्रह किया. उपसभापति ने इसके बाद सदन की कार्यवाही 24 जुलाई, शुक्रवार को दिन में 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
मकर द्वार पर गुरुवार को सत्तापक्ष के सांसद पीएम आवास के करीब राहुल गांधी के प्रोटेस्ट को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. इस दौरान अंदर जा रहीं प्रियंका गांधी दो मिनट रुकीं और नीट पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की डिमांड को लेकर नारेबाजी भी की.
डिप्टी स्पीकर पैनल के दिलीप सैकिया ने चेयर से बार-बार सदन चलाने में सहयोग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि नियम 377 की कार्यवाही चलाने में सहयोग कीजिए. संसदीय कार्य मंत्री ने भी कहा है कि आप जिस विषय पर चर्चा चाहते हैं, सरकार उस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है. चेयर से दिलीप सैकिया की बार-बार अपील के बावजूद हंगामा नहीं थमा, नारेबाजी नहीं रुकी. इसके बाद दिलीप सैकिया ने कहा कि जिन सदस्यों को आज नियम 377 के तहत मामले उठाने की अनुमति स्पीकर ने दी है, वे 20 मिनट के भीतर लिखित में सभा पटल पर रख दें. दिलीप सैकिया ने इसके बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही फिर शुरू हो गई है. लोकसभा में हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही जारी है. वहीं, राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद एक मिनट के भीतर ही स्थगित करनी पड़ी. चेयर से उपसभापति हरिवंश ने सदन की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
मानसून सत्र के दौरान मकर द्वार पर विपक्षी सांसदों ने NEET पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन किया. सांसदों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए तख्तियां लहराईं और नारेबाजी की.
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राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे जब दूसरी बार शुरू हुई, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार आगे और स्टेटमेंट दे. शिक्षा मंत्री का इस्तीफा पहले लीजिए, यह जरूर होना चाहिए. हम चर्चा के लिए तैयार हैं. जब तक आप इस्तीफा नहीं दिलाएंगे, चर्चा शुरू नहीं होगी. इस पर नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष का व्यवहार गैरजिम्मेदाराना है. विपक्ष ने पहले नीट पर चर्चा की मांग की, सरकार ने कहा कि हम हर पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार है. अब ये इस्तीफे की बात कर रहे हैं. विपक्षी सदस्य धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए हंगामा करने लगे. हंगामा तेज हुआ तो सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
लोकसभा में सांसदों के हंगामे पर चेयर से डिप्टी स्पीकर पैनल के दिलीप सैकिया ने सदन चलाने में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि आप चर्चा चाहते हैं और सदन भी नहीं चलने देना चाहते. फिर चर्चा कैसे होगी. सरकार चर्चा के लिए तैयार है. ये व्यवहार हमारी संसदीय परंपरा के लिए ठीक नहीं है. आप सदन चलने नहीं दे रहे हैं, यह ठीक नहीं है. उन्होंने सदन की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
लोकसभा में हंगामे और नारेबाजी के बीच कार्यवाही जारी है. विपक्षी सांसद वेल में आकर 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, इस्तीफा दो इस्तीफा दो' के नारे लगा रहे हैं. विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच सदन में आज के लिए कार्यसूची में दर्ज बिजनेस लिए जा रहे हैं.
लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में कार्यवाही शुरू होते ही फिर से हंगामा शुरू हो गया है. लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम चाहते हैं कि जितने राज्यों में पेपर लीक हुए हैं, सब पर चर्चा हो जाए. हम सबको लेकर देश के सामने बताना चाहते हैं. ये कोई सरकार, कोई पार्टी का विषय नहीं है. सबकी चर्चा होना अत्यंत जरूरी है. आप इसमें राजनीति ना करें. आप कंडीशन लगाते हैं, तो सब समझ जाते हैं कि आप चर्चा से भाग रहे हैं. आप तय करिए कब चर्चा शुरू हो.
संसद के दोनों सदनों में गतिरोध मॉनसून सत्र के चौथे दिन भी जारी है. इसे दूर करने के लिए अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला एक्टिव मोड में आ गए हैं. गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पीकर से मुलाकात की. संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू के बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल भी स्पीकर से मिलने पहुंचे.
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले परिसर में पक्ष-विपक्ष के सांसद आमने-सामने आ गए. दोनों ही पक्ष के सांसद छात्रों के मुद्दे पर तख्तियां लेकर प्रोटेस्ट कर रहे थे. सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. एनडीए के सांसद राहुल गांधी के पीएम आवास पर धरने को उनकी सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए प्रोटेस्ट किया.
प्रियंका गांधी ने कहा है कि सिस्टम से बच्चों और स्टूडेंट्स का भरोसा टूट गया है. जब भरोसा ही नहीं रहा, तो उसी सिस्टम का दिया हुआ समाधान बच्चे कैसे स्वीकार करेंगे? यह बात हर मां-बाप समझते हैं. हमारे प्रधानमंत्री और सरकार को भी समझनी चाहिए. अगर सरकार समाधान चाहती है, तो पहले बच्चों की बात सुने और उनकी मांगें पूरी करे. आज हजारों छात्र सड़कों पर हैं, इंडिया गेट पर हैं, जंतर-मंतर पर हैं और पूरे देश में प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे समय में नेताओं को अपना डर छोड़कर जनता की बात सुननी पड़ेगी. छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ, कई घायल हुए. कल रात उन्हें पीटा गया और सुबह ट्वीट करके कहा गया कि बच्चों की चिंता है. अगर सच में चिंता है, तो लाठी क्यों चली? आंसू गैस क्यों छोड़ी गई? बच्चों को बुलाइए, उनसे बात कीजिए और उनकी बात सुनिए. अगर सरकार भरोसा वापस लाना चाहती है, तो सिस्टम से बाहर निकलकर कुछ ठोस कदम उठाने होंगे. पहला कदम शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए.
NEET-UG पेपर लीक विवाद और छात्रों के विरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा आदेश जारी किया है. उन्होंने पेपर लीक के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और दोषियों को जल्द सख्त सजा दिलाने का ऐलान किया. पीएम मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में पांच मैसेज दिए हैं.
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राज्यसभा में भी जोरदार हंगामा हुआ. जोरदार हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन चलने देने का आग्रह करते हुए कहा कि हम नियमों के तहत चर्चा के लिए तैयार हैं. रिजिजू की अपील के बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि चर्चा से पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए.
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद वेल में आ गए. विपक्ष के हंगामे पर स्पीकर ओम बिरला ने दो टूक कहा कि प्रश्नकाल के अंदर प्रश्नकाल ही चलेगा. उन्होंने आग्रह किया कि प्रश्नकाल के बाद पक्ष-विपक्ष के नेता आएं. बैठकर बात करें और जिस नियम के तहत चर्चा चाहते हों, चर्चा हो. उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.