scorecardresearch
 

7100 रुपये सैलरी से शुरू की नौकरी, अब सरकारी इंजीनियर के पास मिले 49 महंगे प्लॉट, 1 किलो सोना और 3 फार्महाउस

ओडिशा में विजिलेंस की छापेमारी के बाद असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सत्यनारायण सेठी गिरफ्तार. 49 प्लॉट, 3 फार्महाउस, 940 ग्राम सोना और करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ...

Advertisement
X
इंजीनियर सत्यनारायण सेठी के साम्राज्य का पर्दाफाश.(Photo:ITG)
इंजीनियर सत्यनारायण सेठी के साम्राज्य का पर्दाफाश.(Photo:ITG)

ओडिशा में विजिलेंस विभाग की छापेमारी के बाद करोड़ों रुपये की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा होने के बाद एक सरकारी इंजीनियर को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस भ्रष्ट अधिकारी के पास से 49 महंगे प्लॉट, 14 एकड़ में फैले तीन आलीशान फार्महाउस और करीब 1 किलो सोने के आभूषण बरामद हुए हैं.

कोरापुट जिले के कोटपाडा ब्लॉक का यह मामला है. यहां तैनात असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (AEE) सत्यनारायण सेठी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया गया.

तलाशी के दौरान सेठी के पास ऐसी संपत्ति मिली जो उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं ज़्यादा थी; इसमें दो फ्लैट भी शामिल थे, जिनमें से एक कथित तौर पर बेनामी था.

उन्होंने बताया कि मिली अन्य संपत्तियों में 14 एकड़ में फैले तीन फार्महाउस, 49 प्लॉट, 940 ग्राम सोने के गहने, 2.5 किलो चांदी, 5.48 लाख रुपये नकद, 60.92 लाख रुपये से ज्यादा की बैंक जमा राशि और एक चार-पहिया वाहन (जो कथित तौर पर बेनामी था) शामिल हैं.

7 DSP और 9 इंस्पेक्टरों की 'मेगा टीम' ने की घेराबंदी

उन्होंने आगे कहा कि सेठी इन संपत्तियों के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए. ओडिशा विजिलेंस की सात टीमों ने तलाशी अभियान चलाया. इन टीमों का नेतृत्व सात DSP कर रहे थे और इनमें नौ इंस्पेक्टर, 11 ASI और अन्य सहयोगी कर्मचारी शामिल थे.

Advertisement

उन्होंने बताया कि प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 2018 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है.

7100 रुपये की सैलरी से शुरू हुआ था 'करोड़पति' बनने का खेल

सेठी ने साल 1998 में एक जूनियर इंजीनियर (JE) के रूप में सरकारी सेवा में कदम रखा था. उस समय उनकी शुरुआती मासिक सैलरी महज 7100 रुपये थी.

17 साल बाद साल 2015 में उन्हें असिस्टेंट इंजीनियर (AE) के पद पर प्रमोट किया गया और कोरापुट के कोटपाड ब्लॉक में तैनाती मिली.

जून 2020 में उनका ट्रांसफर बोरिगुमा ब्लॉक में किया गया.

पिछले साल यानी 2025 में ही उन्हें असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (AEE) के बड़े पद पर प्रमोट किया गया था, जिसके बाद वे दोबारा कोटपाडा ब्लॉक में अपनी सेवाएं दे रहे थे.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement