देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में अब तक 16 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. इस मामले में महाराष्ट्र के दो लोगों की संलिप्तता सामने आई है, जिन्हें राजस्थान पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस के संयुक्त अभियान में पकड़ा गया. इस मामले में CBI ने केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है.
सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिया गया एक आरोपी महाराष्ट्र के नासिक का रहने वाला है और बीएएमएस के अंतिम वर्ष का छात्र है. 30 वर्षीय शुभम खैरनार इंदिरानगर पुलिस थाना क्षेत्र का निवासी है और पढ़ाई के सिलसिले में बाहर रह रहा था. शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह एक एजुकेशनल काउंसलर के तौर पर भी काम कर रहा था.
मंदिर जाते वक्त हिरासत में लिया गया
जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे नासिक क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने जाल बिछाकर उसे उस समय हिरासत में लिया, जब वह इंदिरानगर थाना क्षेत्र में दर्शन के लिए मंदिर जा रहा था.
पहचान छिपाने के लिए मुंडन करवाया
जांच एजेंसियों को तकनीकी सूचनाओं के आधार पर आरोपी की तस्वीर मिली थी. आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए अपना हुलिया बदल लिया था, लेकिन क्राइम ब्रांच के एक कांस्टेबल ने उसकी सटीक पहचान कर ली, जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया. आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए मुंडन करवाया था.
नासिक सिटी के पुलिस उपायुक्त किरण कुमार चव्हाण ने बताया कि सुबह राजस्थान पुलिस की ओर से अनुरोध प्राप्त हुआ था. इसके बाद नासिक क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया. उन्होंने कहा कि आरोपी को राजस्थान पुलिस के पहुंचने पर उनके हवाले कर दिया जाएगा.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने अपना भेष बदलकर जांच से बचने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. मामले की जांच जारी है और पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है.
140 सवाल सीधे मैच हुए
जांच में सामने आया है कि कथित क्वेश्चन बैंक में शामिल कई सवाल वास्तविक परीक्षा पत्र से मेल खाते पाए गए हैं. एजेंसियों के अनुसार लगभग 140 प्रश्न ऐसे मिले, जो परीक्षा में पूछे गए सवालों से लगभग समान थे. चूंकि नीट में प्रत्येक प्रश्न चार अंकों का होता है, ऐसे में इससे करीब 600 अंकों तक का संभावित फायदा मिलने की आशंका जताई जा रही है.
यही वजह है कि जांच एजेंसियां इस पूरे मामले को बेहद संवेदनशील मान रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य तौर पर कुछ सवाल अनुमान के आधार पर मेल खा सकते हैं, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में समानता मिलना संदेह को और गहरा करता है.
परीक्षा से पहले पहुंचा 'पेपर तैयार है' का मैसेज
मामले की जांच के दौरान एक और अहम जानकारी सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों को फोन कर बताया गया था कि प्रश्नपत्र उपलब्ध हो चुका है. जांच एजेंसियों का दावा है कि यह कॉल दिल्ली से किया गया था, जिसके बाद सीकर में कथित प्रश्नपत्र तेजी से फैलने लगा.
शुरुआती दौर में इसे भारी रकम लेकर उपलब्ध कराया गया, लेकिन परीक्षा की तारीख करीब आने पर कई छात्रों ने इसे कम दामों पर दूसरों तक पहुंचाना शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि यह सामग्री बाद में पांच हजार से तीस हजार रुपये तक में बेची गई. जांच में इसे बड़े स्तर पर कमीशन और मुनाफे के नेटवर्क के रूप में देखा जा रहा है.
क्या बोले राजस्थान के शिक्षा मंत्री?
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने नीट यूजी परीक्षा रद्द किए जाने पर कहा कि जहां-जहां जांच एजेंसियों को गड़बड़ी मिली होगी, वहां उसके आधार पर परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया है. इसमें कोई बड़ी बात नहीं है.
उन्होंने कहा कि जहां भी अनियमितताएं सामने आएंगी, सरकार उन्हें सुधारने के लिए काम करेगी. चाहे मामला सीकर से जुड़ा हो, पश्चिम बंगाल से या कश्मीर से, जहां भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.