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'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें...', NEET पेपर लीक मामले को लेकर सचिन पायलट ने उठाई मांग

NEET परीक्षा 2026 रद्द होने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है. पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने सरकार की कड़ी आलोचना की है.

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राहुल गांधी ने कहा- 22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत को भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया है. (Photo: ITG)
राहुल गांधी ने कहा- 22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत को भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया है. (Photo: ITG)

NEET परीक्षा 2026 रद्द होने की खबर के बाद देशभर में नाराजगी का माहौल है. परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बाद यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है. पेपर लीक को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सचिन पायलट समेत कई नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं.

सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि सीबीआई अपना काम नहीं कर रही है और इस मामले में न्यायिक जांच के आदेश दिए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी.

पायलट ने सवाल उठाया कि शिक्षा विभाग आखिर कर क्या रहा है? उनका कहना है कि विभाग ने इस पूरे मामले को अपने हाल पर छोड़ दिया है. इतने बड़े स्तर पर पेपर लीक प्रभावशाली लोगों के शामिल हुए बिना संभव नहीं हो सकता.

आज तक से एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान, जो देश के शिक्षा मंत्री हैं, उनकी नाक के नीचे बार-बार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं. पायलट ने मांग की कि उन्हें इस्तीफा देना चाहिए.

वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि 22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया है.

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किसी पिता ने कर्ज लिया, किसी मां ने गहने बेचे, लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की और बदले में मिला पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार. 

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ किया गया अपराध है. उन्होंने कहा कि हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सज़ा भुगतते हैं.

23 लाख छात्र परीक्षा देंगे तो होगी पेट्रोल-डीजल की बर्बादी 

पेपर लीक मामले को लेकर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एक्स पर कहा कि बिहार और देश में पेपर लीक का अंतहीन सिलसिला खत्म ही नहीं हो रहा है. क्या बीजेपी की सरकारों में इतनी भी प्रशासनिक क्षमता, योग्यता, इच्छाशक्ति व कौशल नहीं है, कि एक सामान्य परीक्षा को बिना पेपर लीक के आयोजित कर सके.

सत्ता संरक्षण में लगातार होते पेपर लीक से सरकार की नीति और नीयत पर सवाल उठ रहा है. तेजस्वी यादव ने सरकार पर दिखावटी जांच का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार को आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है. उन्होंने इस मामले को लेकर  प्रधानमंत्री के हालिया पेट्रोल और डीजल बचाने के अपील से भी जोड़ा. 

तेजस्वी यादव ने कहा, अब जब 23 लाख छात्र फिर से परीक्षा देंगे, फिर से देशभर के  552 शहरों के सैंकड़ों परीक्षा केंद्रों पर जाएंगे, तब कितने लाखों लीटर पेट्रोल-डीजल की बर्बादी होगी. छात्रों, उनके परिजनों और अभिभावकों को आर्थिक नुकसान और शारीरिक, मानसिक कष्ट होगा? 

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बता दें, PM मोदी ने मिडिल ईस्ट में जंग के हालातों के चलते देश से अपील की थी कि हमें पेट्रोल-डीजल का संयम से इस्तेमाल करने की जरूरत है, इसी बात पर तेजस्वी यादव  ने कहा है कि परीक्षा फिर से आयोजित करने पर पेट्रोल-डीजल की बर्बादी होगी.

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