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अंडमान में मिला प्राकृतिक गैस का भंडार, मिडिल ईस्ट संकट के बीच 'समुद्र मंथन मिशन' को बड़ी कामयाबी

भारत के ऊर्जा मोर्चे पर बड़ी कामयाबी मिली है. अंडमान में प्राकृतिक गैस का दूसरा भंडार मिला है. ऑयल इंडिया को विजयपुरम-3 खोजी कुएं में गैस की मौजूदगी मिली है. सरकार का मानना है कि इससे अंडमान बेसिन के बड़े हाइड्रोकार्बन केंद्र बनने की उम्मीद बढ़ी है और भविष्य में तेल-गैस आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है.

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नैचुरल गैस की मदद से PNG, CNG, उर्वरक का कच्चा माल, पेट्रोकेमिकल्स, हाइड्रोजन आदि बनाया जा सकता है (फोटो- ITG)
नैचुरल गैस की मदद से PNG, CNG, उर्वरक का कच्चा माल, पेट्रोकेमिकल्स, हाइड्रोजन आदि बनाया जा सकता है (फोटो- ITG)

भारत के 'समुद्र मंथन मिशन' को बड़ी कामयाबी मिली है. इसमें अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस का भंडार मिला है. केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसकी जानकारी दी. मिडिल ईस्ट जंग से तेल-गैस का जो संकट पैदा हुआ है, उसके लिहाज से ये खोज अहम है. जिससे आने वाले दिनों में विदेश पर निर्भरता और कम हो सकती है.

बता दें कि जो नैचुरल गैस का भंडार मिला है, उसकी मदद से PNG, CNG, उर्वरक का कच्चा माल, पेट्रोकेमिकल्स, हाइड्रोजन आदि बनाया जा सकता है.

मंत्री ने बताया कि ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने अंडमान अपतटीय क्षेत्र (समुद्र का वह तयशुदा इलाका जिसे सरकार तेल, प्राकृतिक गैस या अन्य हाइड्रोकार्बन की खोज और उत्पादन के लिए किसी कंपनी को आवंटित करती है) में प्राकृतिक गैस का अपना दूसरा भंडार खोजा है.

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि इससे उम्मीद मजबूत हुई है कि यह बेसिन आने वाले सालों में एक महत्वपूर्ण हाइड्रोकार्बन उत्पादक क्षेत्र के रूप में सामने आ सकता है.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री ने शुक्रवार को बताया कि ताजा खोज अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से लगभग 15 किलोमीटर दूर 355 मीटर की जल गहराई में स्थित विजयपुरम-3 खोजी कुएं में की गई है.

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यह इस ब्लॉक में OIL द्वारा खोदा गया दूसरा सफल गैस युक्त कुआं है, इससे पहले सितंबर 2025 में विजयपुरम-2 में प्राकृतिक गैस की खोज की गई थी.

कंपनी ने बताया कि अंडमान में चल रहे उसके खोजी अभियान के तहत अब तक खोदे गए तीन अन्वेषण कुओं में से दो में हाइड्रोकार्बन की उपस्थिति की पुष्टि हो चुकी है, जो काफी पॉजिटिव संकेत हैं.

हरदीप पुरी ने अपने एक्स पोस्ट में कहा, 'पीएम मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस 2025 पर घोषित समुद्र मंथन मिशन (राष्ट्रीय गहरे पानी की खोज मिशन) के तहत, हमारे अपतटीय बेसिनों में बड़ी संख्या में गहरे पानी और अति गहरे पानी के अन्वेषण कुओं की योजना बनाई गई है ताकि हमारे हाइड्रोकार्बन भंडार का पूरी तरह से दोहन किया जा सके.'

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक गैस की यह मौजूदगी देश को वैश्विक गहरे पानी के अन्वेषण संबंधी महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में मदद करेगी.

OIL ने कहा कि नवीनतम खोज एक महत्वपूर्ण संकेतक है और यह बेसिन के अंदर अतिरिक्त हाइड्रोकार्बन भंडार की उपस्थिति की ओर इशारा कर सकती है.

तीन अन्वेषण कुओं से गैस के दो सफल भंडार मिलने के साथ, अंडमान अपतटीय क्षेत्र भविष्य में तेल और गैस की खोज के लिए भारत के सबसे आशाजनक क्षेत्रों में से एक के रूप में तेजी से उभर रहा है.

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पुरी के पोस्ट का जवाब देते हुए कंपनी ने कहा, 'ऑयल इंडिया तकनीकी उत्कृष्टता के माध्यम से खोज को आगे बढ़ाने और सुरक्षित ऊर्जा भविष्य के लिए देश की हाइड्रोकार्बन क्षमता को उजागर करने के लिए प्रतिबद्ध है.'

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