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'भाड़े की भीड़ नहीं थी...', PM मोदी के मेलबर्न कार्यक्रम के आयोजकों की दो टूक, राहुल-खरगे से माफी मांगने को कहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेलबर्न कार्यक्रम के आयोजकों ने कांग्रेस के 'पेड क्राउड' यानी भाड़े की भीड़ वाले आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. आयोजकों का साफ कहना है कि कार्यक्रम में जुटे करीब 30 हजार लोग किसी के बुलावे पर नहीं, बल्कि अपनी मर्जी और अपने खुद के खर्च पर वहां पहुंचे थे.

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मेलबर्न मीट्स मोदी कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज के साथ. (फोटो: पीटीआई)
मेलबर्न मीट्स मोदी कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज के साथ. (फोटो: पीटीआई)

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए आयोजित 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कार्यक्रम के आयोजकों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक खुला खत लिखा है. इस खत में उन्होंने कांग्रेस नेताओं की तरफ से लगाए गए उन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है, जिसमें कार्यक्रम में शामिल लोगों को 'पेड क्राउड' यानी पैसे देकर जुटाई गई भीड़ बताया गया था. आयोजकों ने दोनों नेताओं से यह आरोप वापस लेने के साथ ही सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है.

यह खुला खत उन कम्युनिटी वॉलंटियर्स की तरफ से जारी किया गया है, जिन्होंने 9 जुलाई को मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में हुए कार्यक्रम के लिए सिडनी से मेलबर्न तक 'मोदी एयरवेज' नाम की चार्टर्ड फ्लाइट का इंतजाम किया था. आयोजकों का साफ कहना है कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों के आने-जाने और रहने का खर्च बीजेपी, भारत सरकार या ऑस्ट्रेलिया सरकार ने नहीं उठाया था. उन्होंने बताया कि सभी लोगों ने अपना खर्च खुद उठाया, जबकि कुछ लोग सामुदायिक सहयोग से इस कार्यक्रम में पहुंचे थे.

इंडिया टुडे टीवी से बात करते हुए, आयोजकों में से एक, अमित कारंत ने बातचीत में कहा कि कांग्रेस नेताओं की ऐसी टिप्पणी बेहद निराशाजनक है. उनके मुताबिक सिडनी, एडिलेड, पर्थ और ब्रिस्बेन समेत ऑस्ट्रेलिया के अलग-अलग शहरों से लोग अपनी मर्जी से मेलबर्न पहुंचे थे. किसी भी सरकारी एजेंसी या राजनीतिक दल ने उनके आने-जाने पर एक भी पैसा खर्च नहीं किया. यह पूरी व्यवस्था स्थानीय वॉलंटियर्स ने आपस में मिलकर संभाली थी.

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'यह हजारों भारतीयों की गरिमा और समझदारी का अपमान'

आयोजकों का कहना है कि कांग्रेस से जुड़े नेताओं ने कार्यक्रम को 'प्रायोजित' बताकर वहां पहुंचे हजारों भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की ईमानदारी और उनकी स्वतंत्र सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस चार्टर्ड फ्लाइट से सफर करने वालों में ऑस्ट्रेलियाई नागरिक, वहां के पक्के निवासी, कामकाजी पेशेवर, कारोबारी, छात्र और बुजुर्ग शामिल थे.

खत में लिखा गया है कि इन लोगों को भाड़े की राजनीतिक भीड़ कहना सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करना नहीं है, बल्कि यह उन हजारों प्रवासियों की गरिमा का अपमान है. ऑस्ट्रेलिया में रहने वाला भारतीय समुदाय किसी एक राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़ा है. वहां कांग्रेस को पसंद करने वाले लोग भी हैं, बीजेपी को चाहने वाले भी और ऐसे भी कई लोग हैं जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है.

महीनों की कड़ी मेहनत पर कांग्रेस ने फेरा पानी

आयोजकों ने बताया कि इस चार्टर्ड फ्लाइट का इंतजाम करने में महीनों की प्लानिंग लगी थी, जिसके लिए यात्रियों से तालमेल बिठाने से लेकर कागजी कार्रवाई तक पर दिन-रात काम किया गया. कई वॉलंटियर्स ने अपने बिजनेस समेत परिवारों को छोड़कर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में पूरा योगदान दिया. इसी आधार पर उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के सामने तीन बड़ी मांगें रखी हैं. पहली, ये कि सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया जाए कि इस फ्लाइट के लिए बीजेपी या भारत सरकार ने कोई फंडिंग नहीं की थी. दूसरी, 'पेड क्राउड' वाले आरोप वापस लिए जाएं. वहीं, तीसरी मांग यह है कि सभी वॉलंटियर्स, यात्रियों सहित पूरे भारतीय समुदाय से सार्वजनिक माफी मांगी जाए.

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मार्वल स्टेडियम में जुटे थे 30 हजार लोग

मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में 9 जुलाई को आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में करीब 30 हजार लोग शामिल हुए थे. इस दौरान पीएम मोदी के साथ ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और विक्टोरिया की प्रीमियर जैसिंटा एलन भी मंच पर मौजूद थीं. आयोजकों ने साफ कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को विरोध करने का पूरा अधिकार है, लेकिन भारत की घरेलू राजनीति के चक्कर में विदेश में रह रहे भारतीय समुदाय को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए.
 

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