मिजोरम के कोलासिब जिले में सड़क पर हुए विवाद के बाद एक 29 साल के सेना के जवान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. जवान का नाम जकारिया लालह्रियात्तलुआंगा था और वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था. इस घटना के बाद उसके परिवार ने मंगलवार को न्याय की मांग की और कहा कि बूढ़े माता-पिता की देखभाल अब जकारिया ही करता था.
जकारिया असम रेजिमेंट में 2017 में शामिल हुआ था और श्रीनगर में तैनात था. वह छुट्टी पर घर आया था और अपने दोस्त जॉन लालतनपुइया के साथ कोलासिब कस्बे के पास अपने गांव न्यू बुइलुम जा रहा था. जॉन ट्रक चालक है. रविवार शाम को एनएच-306 पर बुआलपुई और थिंगडावल के बीच यह घटना हुई.
रास्ते में दोनों अपने दोस्त लालचावीलियाना के घर चाय पीने रुके थे. वहां से निकलने के बाद उन्हें खराब सड़क के कारण गलत दिशा में आ रहा एक ट्रक मिला. जॉन ने ट्रक चालक से बात करने की कोशिश की, तभी हॉकी टीम के करीब 20 युवक एक पिकअप वाहन में वहां आ गए. ये युवक कवनपुई शहर के थे और पिकनिक से लौट रहे थे, बताया जाता है कि वे नशे में थे.
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इन युवकों ने जॉन को गाड़ी से खींचकर पीटना शुरू कर दिया. जब जकारिया उन्हें रोकने आया तो उसे भी बुरी तरह पीटा गया. लालचावीलियाना भी शोर सुनकर आए और उन्हें भी पीटा गया. जकारिया की मां लालथाजोवी ने बताया कि हमले से पहले बेटे ने फोन पर बताया था कि वे शाम साढ़े छह बजे तक घर पहुंच जाएंगे, लेकिन देर होने पर पता चला कि हमला हो चुका है.
पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नाबालिग और एक महिला शामिल है. कोलासिब के एसपी लालरिनपुइया वर्ते ने बताया कि छह में से पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि दो नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड को सौंपा गया है. मंगलवार को न्यू बुइलुम गांव के लोगों ने कोलासिब जेल के बाहर प्रदर्शन कर आरोपियों को सार्वजनिक रूप से दिखाने और कड़ी सजा की मांग की.