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मणिपुर में होंगे दो डिप्टी CM, गृह मंत्री का भी नाम फाइनल

मणिपुर में राष्ट्रपति शासन खत्म होने से पहले भाजपा ने सरकार बनाने की कवायद तेज कर दी है. दिल्ली में हुई अहम बैठक में वाई खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया है. राज्य में जातीय समीकरणों को साधने के लिए दो उपमुख्यमंत्री और एक नए गृह मंत्री का नाम भी लगभग तय हो गया है.

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मणिपुर की नई सरकार में होंगे दो डिप्टी सीएम. (photo: ITG)
मणिपुर की नई सरकार में होंगे दो डिप्टी सीएम. (photo: ITG)

भारतीय जनता पार्टी ने मणिपुर में सरकार के गठन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है. इसी क्रम में मंगलवार को दिल्ली में हुई विधायक दल की बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया है.

सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार में दो उपमुख्यमंत्री होने की संभावना है. कांगपोकपी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले बीजेपी विधायक नेमचा किपगेन को उपमुख्यमंत्री नियुक्त किए जाने वालों में शामिल किया गया है. एक प्रमुख कुकी नेता, किपगेन पहले वाणिज्य और उद्योग, वस्त्र और सहकारिता तथा सामाजिक कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रह चुके हैं.

नई सरकार में होंगे दो डिप्टी सीएम

सूत्रों के अनुसार, मणिपुर की नई कैबिनेट में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन का खास ख्याल रखा गया है.  नई सरकार में दो उपमुख्यमंत्री होंगे. इनमें कांगपोकपी से विधायक और प्रमुख कुकी नेता नेमचा किपगेन को उपमुख्यमंत्री बनाया जा रहा है, जो पहले भी कई अहम मंत्रालय संभाल चुकी हैं. उनके साथ एनपीएफ (NPF) के वरिष्ठ नेता लोसी दिखो दूसरे उपमुख्यमंत्री होंगे. माओ विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार जीतने वाले दीखो नगा समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं और पूर्व में पीएचईडी मंत्री रह चुके हैं. इन नियुक्तियों से राज्य में शांति और समावेशी प्रशासन का संदेश देने की कोशिश की गई है.

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गृह मंत्री का नाम भी फाइनल

सूत्रों के मुताबिक, बिष्णुपुर से सात बार के विधायक गोविंददास कोंथुजाम को मणिपुर का नया गृह मंत्री बनाए जाने का फैसला हुआ है. पूर्व कांग्रेस नेता रहे कोंथुजाम पिछले चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुए थे और उन्हें प्रशासन का लंबा अनुभव है. वह एन बीरेन सिंह सरकार में लोक निर्माण विभाग (PWD) और खेल मंत्री जैसे अहम पदों संभाल चुके हैं.  राज्य की वर्तमान कानून-व्यवस्था को देखते हुए उनका अनुभव नई सरकार के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.

वहीं, राज्य में सरकार के गठन से पहले नेतृत्व का चयन करने के लिए बीजेपी संसदीय बोर्ड ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को विधायक दल के नेता के चुनाव की निगरानी करने और सरकार गठन की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया है.

मणिपुर के कई भाजपा विधायक और वरिष्ठ नेता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ उच्च स्तरीय बैठकों में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे. 

मणिपुर में लागू है राष्ट्रपति शासन

दरअसल, मणिपुर में 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू है. जिसे अगस्त 2025 में छह महीने और बढ़ाया गया था. राज्य में मई 2023 से मैतेइऔर कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा जारी है, जिसके कारण पूर्व मुख्यमंत्री एन. बिरेन सिंह ने 9 फरवरी 2025 को इस्तीफा दे दिया था. अब राष्ट्रपति शासन की अवधि समाप्त होने से ठीक पहले बीजेपी ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है. दिल्ली में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में मणिपुर के कई विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हुए, ताकि 2027 तक चलने वाले कार्यकाल को स्थिरता प्रदान की जा सके.

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