मणिपुर के नोनी जिले में बुधवार (4 नवंबर) को उग्रवादी गुटों के बीच हुई भीषण गोलीबारी में कम से कम तीन उग्रवादियों की मौत हो गई. अधिकारियों के मुताबिक, यह मुठभेड़ प्रतिद्वंद्वी नगा उग्रवादी संगठनों के सदस्यों के बीच हुई. घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई. स्थानीय लोगों ने हिंसा रोकने के लिए हस्तक्षेप किया.
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार तड़के करीब चार बजे नोनी जिले के खौपुम इलाके में स्थित ताओदाइजांग गांव में उग्रवादी गुटों के बीच भारी गोलीबारी शुरू हो गई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस संघर्ष में जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (जेनचुई) और उसके प्रतिद्वंद्वी गुटों से जुड़े संदिग्ध उग्रवादी शामिल थे. गोलीबारी में कम से कम तीन उग्रवादी मारे गए. अधिकारियों के अनुसार, मृतकों के शव स्थानीय ग्रामीणों ने बरामद किए.
महिलाओं ने संभाला मोर्चा, गोलीबारी रोकने की अपील
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने हिंसा रोकने की पहल की. महिलाओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचे और उग्रवादी गुटों के बीच आगे की हिंसा रोकने की कोशिश की. अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों ने पब्लिक एड्रेस सिस्टम यानी लाउडस्पीकर के जरिए उग्रवादियों से गोलीबारी बंद करने की अपील भी की. यह घटना नगा बहुल नोनी जिले में हुई है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों गुटों के बीच संघर्ष किस वजह से शुरू हुआ. अधिकारियों ने कहा कि घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है.