राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा का जि्क्र करते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री और कई पदों पर रहे. एचडी देवेगौड़ा को बहुत दिनों से, 54 साल से जानता हूं. उनके साथ काम भी किया है, लेकिन क्या हुआ मुझे मालूम नहीं. वो तो हमारे साथ प्रेम किए. मोहब्बत हमारे साथ, शादी मोदी साहब के साथ किए. वह बुधवार को राज्यसभा में रिटायर हो रहे सदस्यों के लिए फेयरवेल में बोल रहे थे. रिटायर हो रहे सदस्यों में खुद मल्लिकार्जुन खड़गे भी हैं.
विपक्ष के नेता खड़गे ने कहा कि ये हाल ही में हुआ. आप ऐसा माने, मुझे मालूम नहीं है. खड़गे की इस बात पर सदन में मौजूद पीएम मोदी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए. उन्होंने आगे कहा कि शरद पवार एक राष्ट्रीय नेता हैं और उनके साथ भी हमारा जुड़ाव दशकों का रहा है. मुझे खुशी है कि वे दोबारा इस सदन का मार्गदर्शन करेंगे. संसदीय मामलों के गहन जानकार हमारे डीएमके के साथी तिरुचि शिवा सदन की कार्यवाही में अगले छह साल फिर भाग लेंगे.
खड़गे ने कहा कि रामदास अठावले अपनी कविता के रूप में ही हमेशा पीएम मोदी का गुणगान करते हैं, हमेशा. आपको छोड़कर दूसरी कविता ही उनको नहीं आती. उन्होंने कहा कि रामदास अठावले ने कविता लिखी है, तो सिर्फ आपके बारे में लिखी है. खड़गे ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने 10 साल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में बहुत अच्छा काम किया और शिक्षा की स्थायी समिति में, वह रिपोर्ट भी आज आपके सामने पेश किया.
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उन्होंने कहा कि केटीएस तुलसी और अभिषेक मनु सिंघवी ने वाद-विवाद को गरिमा दी. न्यायिक स्वतंत्रता, न्यायिक स्वतंत्रता और अन्य मामलों पर उनके भाषणों ने नागरिकों पर गहरी छाप छोड़ी है. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमारे मुखर साथी शक्ति सिंह गोहिल और नीरज डांगी की बात करते हुए भावुक होता हूं. उन्होंने कहा कि इन्होंने अपनी योग्यता और क्षमता के साथ सदन के अलावा संसदीय समितियों में भी अच्छा काम किया है.
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विपक्ष के नेता ने कहा कि रजनी देवी पाटिल ने महिलाओं और बच्चों से जुड़े विषयों पर अपनी बात मजबूती से रखी है. उन्होंने कहा कि मुझे भरोसा है कि फूलोदेवी नेताम कमजोर तबकों की आवाज को आगे भी मजबूती के साथ रखेंगी. उनको छह साल का मौका और मिला है. खड़गे ने उपसभापति हरिवंश को शालीन और शिष्ट व्यवहार वाला नेता बताते हुए कहा कि हरेक काम बहुत ही सभ्यता से करने वाले उपसभापति हमें मिले थे.
विदाई के जिक्र से दिल भर आता है...
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद बोलने खड़े हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपनी बात शुरू करते हुए कहा कि कहां से शुरू करें, समझ नहीं आता है. आपके विदाई के जिक्र से दिल भर आता है. उन्होंने कहा कि ये जो हम विदाई कर रहे हैं, उसमें से बहुत से लोग फिर आएंगे. खड़गे ने कहा कि हमारे बहुत से मेंबर्स फिर नहीं आ सकते, किसी वजह से.
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उन्होंने कहा कि राजनीति में रहने वाले लोग कभी रिटायर नहीं होते. देश की सेवा के जज्बे में टायर्ड भी नहीं होते. खड़गे ने कहा कि अपने लंबे संसदीय जीवन में खुद भी पहली बार इस सदन का सदस्य बना और 2022 से नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने कहा कि जल्द ही रिटायर भी होने जा रहा हूं. यहां जो भी बातें बोली जाती हैं, वह हमें सीखने लायक हैं. 39 साल विधानसभा में रहा और यहां भी 20 साल होने को हैं.
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खड़गे ने कहा कि कम या ज्यादा 54-55 साल होने को है. अपने संसदीय जीवन में सदन में उपस्थित रहने और चर्चाओं में भाग लेने की पूरी कोशिश करता हूं. उन्होंने कहा कि यहां हमें अलग-अलग राज्यों से आए, अलग-अलग विचारधारा से नेताओं से कुछ ना कुछ सीखने को मिलता है. खड़गे ने कहा कि मुझे 54 साल पूरे हो गए, तब भी सीखने की जरूरत पड़ती है. कोई भी संपूर्ण ज्ञानी नहीं होता.