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जंग में फंसकर पछताया लेबनान... राजदूत बोले- हमें इसमें नहीं पड़ना चाहिए था

लेबनान के राजदूत ने ईरान के हमलों को गलत बताया और हिजबुल्लाह की स्वतंत्र कार्रवाई पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि लेबनान को इस जंग में जबरन घसीटा गया है और शांति ही समाधान है. उन्होंने बताया कि मिडिल ईस्ट की जंग लंबी नहीं खिंचने वाली है.

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लेबनान के राजदूत बोले - न यह हमारी जंग, न हमारा फैसला, हमें जबरन संघर्ष में धकेला गया (Photo: ITG)
लेबनान के राजदूत बोले - न यह हमारी जंग, न हमारा फैसला, हमें जबरन संघर्ष में धकेला गया (Photo: ITG)

मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग को लेकर भारत में लेबनान के राजदूत हादी जाबर ने आजतक के साथ खुलकर बात की है. उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों पर ईरान के हमले बिल्कुल गलत और स्वीकार्य नहीं है. किसी भी बहाने से किसी दूसरे देश की जमीन पर हमला करना ठीक नहीं.

राजदूत हादी जाबर ने बताया कि 2 मार्च को लेबनान की सरकार ने हिजबुल्लाह की मिलिट्री ब्रांच को गैरकानूनी घोषित कर दिया. वजह यह थी कि उसी रात हिजबुल्लाह ने बिना किसी को बताए इजरायल पर 6 रॉकेट दाग दिए.

राजदूत ने कहा, "हिजबुल्लाह अपनी मर्जी से काम कर रहा है, सरकार से पूछता नहीं. यही सबसे बड़ी समस्या है." उनका कहना है कि देश में सिर्फ लेबनानी सेना को ही हथियार उठाने का अधिकार होना चाहिए.

लेबनान के जंग में खिंचने पर

राजदूत ने दुख जताते हुए कहा, "हमने यह जंग नहीं चुनी, हम इसमें घसीटे गए. यह हमारी जंग नहीं थी. गाजा के वक्त भी हमें इसमें नहीं पड़ना चाहिए था."

तबाही का हाल

912 लोग मारे जा चुके हैं. 2,200 से ज्यादा घायल हैं. 10 लाख से ज्यादा लेबनानी यानी देश की 20 फीसदी आबादी बेघर हो चुकी है. कई गांव पूरी तरह तबाह हो गए हैं.

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यह भी पढ़ें: गाजा, लेबनान, तेहरान... एक साथ इजरायल का ट्रिपल प्रहार, किए तीन देशों में ताबड़तोड़ हमले

इजरायल से अपील

राजदूत ने कहा कि इजरायल की तबाही बहुत बड़ी है. उन्होंने इजरायल से अपील की, "अगर शांति चाहते हो तो शांति मांगो, अपने पड़ोसियों के साथ शांति से रहो."

सीजफायर पर क्या कहा?

लेबनान चाहता है कि पहले पूरी तरह युद्धविराम हो, फिर अंतर्राष्ट्रीय निगरानी में लेबनान और इजरायल सीधे बातचीत करें. लेकिन अभी अमेरिका और इजरायल की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है.

जंग कब तक चलेगी?

राजदूत ने कहा यह जंग लंबी नहीं चलनी चाहिए. यह किसी के हित में नहीं. तेल पहले ही 110 डॉलर प्रति बैरल पार कर चुका है और और ऊपर जा सकता है.

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