Parliament Proceedings Live Updates लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हो गई है. लोकसभा में प्रश्नकाल चल रहा है. वहीं, राज्यसभा में आज अप्रैल से जुलाई के बीच कार्यकाल पूरा कर रहे सदस्यों को विदाई दी जा रही है. सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रिटायर हो रहे सभी सदस्यों का योगदान अतुलनीय है. उन्होंने अपने संबोधन में डिप्टी चेयरमैन हरिवंश की जमकर तारीफ की.
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इस उमर में हमको ये सर्टिफिकेट तो मत दो कि मीनिंगलेस बोलता है. नियमों को फिर से देखने की जरूरत है. राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने चेयर से कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और डिप्टी चेयरमैन हरिवंश समेत 25 राज्यों के 59 सदस्य कार्यकाल पूरा कर रहे हैं.
लोकसभा में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा शुरू हो गई है. चेयर पर डिप्टी स्पीकर पैनल से जगदंबिका पाल हैं. कृषि और किसान मंत्रालय के कामकाज पर कांग्रेस की ओर से अमरिंदर सिंह राजा वडिंग बोल रहे हैं.
आम आदमी पार्टी के फ्लोर लीडर संजय सिंह ने कहा कि विदा करना हमेशा पीड़ादायक होता है. निश्चित रूप से उनके साथ बिताए पल याद आते हैं, वे सदा के लिए रिश्ते को जीवित रखते हैं. हमारे जो साथी आज विदा हो रहे हैं, वे अनुकरणीय काम करेंगे. ऐसे भी साथी हैं, जिनके साथ कमेटीज में काम करने को मिला. कमेटियों में दल की दूरी कम होती है. उन्होंने एक-एक सदस्य का नाम लेकर शुभकामनाएं दीं और कहा कि जो साथी रिटायर हो रहे हैं, पहले यह व्यवस्था थी कि इस दरवाजे के बाहर तक आने की व्यवस्था थी. इनके लिए पहले जैसी व्यवस्था कर दीजिए, ऐसी गुजारिश हूं. हरिवंश जी का बहुत आदर करता हूं. तेजी से बोलने की आदत है, कोई तल्खी हुई हो तो उसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं.
हरिवंश ने कहा कि मेरी दुनिया बहुत छोटी थी. हमारे ही गांव के जयप्रकाश जी, उसी क्षेत्र के राजनीति में सक्रिय रहने वाले चंद्रशेखर जी जैसे लोग मेरे प्रेरणास्रोत रहे. जब साल 2014 में इस सदन में आया, तब विपक्ष में था. अनेक ऐतिहासिक तथ्य बता सकता हूं कि हमारा सामर्थ्य कितना है और हम कहां से कहां आ गए. 1994 में पहली बार विदेश गया था एक पत्रकार के रूप में. एक नारायणमूर्ति जी ने देश की पहचान कितनी बदली. यहां रहते हुए सदन ने अनेक महत्वपूर्ण बिल पारित किए. जो सदस्य के रूप में करना चाहता था, कभी कभी कोशिश की.
डिप्टी चेयरमैन हरिवंश ने कहा कि सबसे पहले जो आठ सदस्य रिटायर हो रहे हैं, उनमें मैं भी हूं. सभापति जी आपने, प्रधानमंत्री जी ने उनके लिए जो शब्द कहे, उनसे खुद को जोड़ता हूं. मेरे सार्वजनिक जीवन के जो भी मार्गदर्शक रहे, उनके प्रति आभार. नीतीश जी ने सार्वजनिक जीवन में लाए, उनके प्रति आभार. पहले टर्म में उपसभापति बना, इसके लिए आभार. प्रधानमंत्री जी ने हमेशा पढ़ने के लिए, जानने के लिए प्रेरणा दी, उसके लिए आभार. एनडीए के सभी दलों का आभार. उपसभापति बनने के बाद एक-एक दल के एक-एक सदस्य का सहयोग मिला. उसके लिए भी आभार. इस सदन के एक-एक सदस्यों के प्रति आभार.
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कहां से शुरू करें, यह समझ नहीं आता. आपके विदाई के जिक्र से ही दिल भर आता है. राजनीति में रहने वाले लोग कभी रिटायर्ड भी नहीं होते, टायर्ड भी नहीं होते. हर आदमी संपूर्ण ज्ञानी नहीं होता. मुझे 54 साल के संसदीय जीवन के बाद भी सीखने की जरूरत पड़ती है. सदन में बहुत से खट्टे-मीठे अनुभव रहे हैं. जो लोग विदा ले रहे हैं, उनमें से बहुत से लोग फिर से सदन में आएंगे. सदन को और बेहतर बनाने के लिए और प्रयासों की जरूरत है. देवगौड़ा जी हैं, प्रधानमंत्री भी रहे. उनके साथ काम भी किया है. जानें क्या हुआ उनको, प्रेम हमारे साथ किया और शादी मोदी साहब के साथ. अठावले साहब हैं, उनकी कविता भी सिर्फ मोदी साहब पर आती है. हमारे मुखर साथी शक्ति सिंह गोहिल और नीरज डांगी की बात करते हुए भावुक होता हूं. ज्वलंत मुद्दों पर पूरी तैयारी के साथ अपनी बात रखी. फूलोदेवी नेताम कमजोर तबके की बातों को सदन में आगे भी मजबूती से रखेंगी. सदन को अच्छा व्यवहार और सभ्यता के साथ काम करने वाले सभापति मिलें. हम जितना मिलकर काम करेंगे, उतना अच्छा है. जितना ही दूरी रखेंगे, उतनी मिसअंडरस्टैंडिंग होगी. इन भूमिकाओं में किसी तरह का अवरोध संसदीय व्यवस्था को कमजोर करेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में बोल रहे हैं. वह डिप्टी चेयरमैन हरिवंश, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे समेत 59 सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल से जून के बीच पूरा हो रहा है. ऐसे सदस्यों को विदाई दी जा रही है. राज्यसभा सदस्यों के फेयरवेल में पीएम मोदी ने कहा कि 37 सदस्यों का कार्यकाल आज पूरा हो रहा है. कुछ सदस्यों का कार्यकाल ऐसे समय पूरा होगा, जब सदन नहीं चल रहा होगा. राजनीति में फुलस्टॉप नहीं होता. सदन में हर दो साल के अंतराल के बाद एक बड़ा समूह हमारे बीच से जा रहा होता है. एक ऐसी व्यवस्था है, कि नया समूह जब आता है, उसे चार साल से बैठे लोगों से सीखने को मिलता है. खट्टी-मीठी यादें हैं, लेकिन सदन में सबका योगदान है. हरिवंश जी ने जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया. संकट के समय जिम्मेदारी उपसभापति पर ही आ जाती है. हमारे अठावले जी जा रहे हैं. उम्मीद है उनकी कमी सदन को नहीं खलेगी. यह मीडिया का जमाना है, उनके व्यंग्य मिलते रहेंगे.