पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ताराताला इलाके में बुधवार को तीन मंजिला निर्माणाधीन गोदाम के ढहने से करीब 11 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे में 20 से ज्यादा मजदूर घायल बताए जा रहे हैं. इसके बाद सेना, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), पुलिस और फायर सर्विस की मदद से बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. अब जांच के एसआईटी का गठन किया गया है. हादस के बाद, अब तक कुल 11 लोगों की मौत हो चुकी है और 29 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है. बचाए गए लोगों में से 15 की हालत स्थिर है, 4 गंभीर हैं और एक की हालत बहुत नाजुक है.
बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सेना ने जानकारी दी है कि अभी भी कुछ लोग अंदर फंसे हुए हैं. इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा और घायलों को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे.
मलबे के नीचे कई और लोगों के दबे होने की आशंका है. बचावकर्मी तेजी से काम में लगे हुए हैं. हादसे के बाद का माहौल बड़ा ही दर्दनाक था. बिल्डिंग गिरने के बाद मुड़े हुए स्टील और गिरे हुए कंक्रीट के नीचे से मदद के लिए पुकार सुनाई दे रही थी, जिससे उम्मीद जगी कि और भी मजदूर जिंदा मिल सकते हैं.
डिटेक्टिव डिपार्टमेंट को सौंपा गया केस
कोलकाता के एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) के औपचारिक आदेश के बाद, तारातला बिल्डिंग गिरने की घटना की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी एसआईटी का गठन किया गया है. तारातला पुलिस स्टेशन में 24 जून, 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 105, 110 और 3(5) के तहत दर्ज इस मामले को डिटेक्टिव डिपार्टमेंट को सौंप दिया गया है.
एसआईटी की अगुवाई कोलकाता के डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस करेंगे और इसमें डिटेक्टिव डिपार्टमेंट और तारातला पुलिस स्टेशन के अधिकारी शामिल होंगे. डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के इंस्पेक्टर हीराक दलापति को इस मामले का नया इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर (IO) नियुक्त किया गया है.
टीम को घटना की पूरी जांच करने का काम सौंपा गया है और वे नियमित रूप से सीनियर पुलिस अधिकारियों को जांच की प्रगति के बारे में रिपोर्ट देंगे.
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घायलों की हालत गंभीर
अब तक 20 से ज्यादा मजदूरों को बाहर निकालकर अस्पतालों में पहुंचाया गया, जिनमें से कई की हालत गंभीर है. बचाव दल उन लोगों की तलाश कर रहे हैं, जिनके मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है.
हादसे के बाद सूबे के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने कहा कि फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं. अधिकारी ने कहा, "NDRF, सेना, SDRF, पुलिस और फायर डिपार्टमेंट सभी मिलकर यहां काम कर रहे हैं. अब तक 25 लोगों को बचाया गया है. इनमें से आठ लोगों की मौत हो गई है और 20 लोग अभी अस्पताल में भर्ती हैं. भर्ती किए गए लोगों में से 18 खतरे से बाहर हैं, जबकि 2 की हालत गंभीर बनी हुई है."
सीएम ऑफिस की तरफ से बताया गया कि इमारत गिरने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें बिल्डिंग सुपरवाइजर सैयद मुहम्मद गुलजार और लेबर सप्लायर मुहम्मद अताउल और सुभाष चौधरी शामिल हैं.