लोकसभा में मंगलवार को स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया. इस प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत कांग्रेस की ओर से विपक्ष के डिप्टी लीडर गौरव गोगोई ने की. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले वक्ता थे. किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर चुन-चुनकर हमले किए. इस दौरान एक मौका ऐसा भी आया, जब विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने पीठासीन से उन्हें बोलने से रोकने का आग्रह कर दिया.
दरअसल, किरेन रिजिजू जब बोल रहे थे, टीएमसी सांसद सौगत रॉय रूल बुक लेकर खड़े हुए. सौगत रॉय ने रूल बुक से एक नियम का उल्लेख करते हुए कहा कि कोई भी सदस्य 15 मिनट से ज्यादा नहीं बोल सकता है. उन्होंने इसी नियम को आधार बनाकर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के लगातार बोलने पर आपत्ति की और कहा कि ये (संसदीय कार्य मंत्री) आधे घंटे से ज्यादा समय से बोले जा रहे हैं. इनको रोकिए.
तब चेयर पर आंध्र प्रदेश से तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) से सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी थे. सौगत रॉय की आपत्ति पर किरेन रिजिजू ने कहा कि वह (टीएमसी सांसद) बहुत वरिष्ठ नेता हैं, इन पर दया आती है. उन्होंने कहा कि पहली बार इस सदन में स्पीकर के खिलाफ जब अविश्वास प्रस्ताव आया था, तब ढाई घंटे की चर्चा होनी थी. रिजिजू ने कहा कि ढाई घंटे की चर्चा में पंडित नेहरू ओपनिंग रिमार्क में ही डेढ़ घंटे बोलते रह गए थे.
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि यहां तो दो दिन की चर्चा हो रही है. उन्होंने आगे कहा कि कोई भी सदस्य अपने आपको संविधान से बड़ा मानने लग जाएंगे. कोई भी सदस्य जब अपने आपको ज्ञानी मानने लगेंगे, उसको एक्सपोज करना चाहूंगा. रिजिजू ने कहा कि इस सदन में बोलने के लिए भी चेयर से परमिशन की जरूरत होती है. शुरू में ही अनुरोध रहेगा कि गौरव गोगोई ने विषय से हटकर कई विषयों पर चर्चा की. उनका जवाब मुझे भी देना होगा.
यह भी पढ़ें: 'कैश फॉर वोट में भी हम नहीं लाए अविश्वास प्रस्ताव', लोकसभा में रिजिजू का विपक्ष पर वार
उन्होंने कहा कि सदन में जब बात रखता हूं, सदन के बिहाफ से रखता हूं. संसदीय कार्य मंत्री केवल रुलिंग पार्टी के नहीं होते, सबके होते हैं. कांग्रेस का 60 साल का इतिहास देख लो और हमारे भी कई नेता रहे हैं. किरेन रिजिजू ने स्पीकर को मिले अधिकारों का उल्लेख किया और कानूनी पहलुओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि स्पीकर के किसी भी निर्णय को कोर्ट में चैलेंज नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि स्पीकर निष्पक्ष होते हैं, लेकिन एक पार्टी खासकर रूलिंग पार्टी से आते हैं. यह भी सभी जानते हैं.
यह भी पढ़ें: 'प्रियंका गांधी नेता प्रतिपक्ष होतीं तो...', संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने लोकसभा में की कांग्रेस MP की तारीफ
किरेन रिजिजू ने कहा कि हमारी व्यवस्था थोड़ी हटकर हो, ये संविधान निर्माताओं ने सोचा. उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने सोचा कि स्पीकर को रिजाइन करने की जरूरत नहीं है. चुनाव में उसे भी किसी पार्टी से जाना होता है. रिजिजू ने कहा कि साल 2005 में सोमनाथ चटर्जी ने मुझे भी मौका दिया कॉमनवेल्थ नेशंस के संसदीय सम्मेलन में जाने का, मैंने यूके में ये कहा कि हमारी व्यवस्था आपसे काफी अलग है.