जमुई कांड के आरोपी हरेराम यादव की बुधवार को कोर्ट में पेशी हुई. पेशी बाद जब पुलिस उसे कोर्ट से वापस लेकर जा रही थी, तभी परिसर में मौजूद एक वकील ने उसे थप्पड़ मार दिया.
जानकारी के मुताबिक, आरोपी हरेराम यादव जैसे ही कोर्ट से बाहर निकल रहा था, उसी दौरान वकील आकाश पांडे उसके पास पहुंचा और अचानक उसे थप्पड़ जड़ दिया. घटना के दौरान मौके पर पुलिसकर्मी भी मौजूद थे.
बता दें कि बीते 19 सितंबर को बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की से बदसलूकी की घटना हुई थी. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव और हरेराम यादव को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया गया था. दोनों ट्रैक्टर चालक हैं और बालू ढोने का काम करते थे. दोनों जमुई सदर थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं. पुलिस कार्रवाई के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगने और हरेराम यादव के पकड़े जाने की जानकारी सामने आई थी. बुधवार को जब हरेराम यादव को कोर्ट में पेश किया गया तब एक वकील ने हरेराम को थप्पड़ जड़ दिया.
इस घटना का वीडियो भी सामने आया है. पुलिसकर्मी हरेराम यादव को लेकर कोर्ट से पेशी के बाद बाहर निकल रही है. इसी दौरान रास्ते में खड़े वकील और कुछ लोग टिप्पणी करते हैं और हरेराम यादव के कृत्य को शर्मनाक बताते हैं. लोग यह भी कहते हैं कि उनके इस कारनामे ने बिहार को शर्मसार कर दिया है. इसी दौरान वकील आकाश पांडे आगे बढ़कर हरेराम यादव के मुंह पर थप्पड़ जड़ देते हैं.
थप्पड़ क्या उसे तो गोली मार देनी चाहिए- वकील ने दी प्रतिक्रिया
जमुई कांड के आरोपी हरे राम यादव को कोर्ट से निकलते समय थप्पड़ मारने वाले वकील आकाश पांडे ने घटना के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि आरोपी पर लगे आरोपों को लेकर उनके मन में आक्रोश था और इसी वजह से उन्होंने उसे थप्पड़ मारा. आकाश पांडे ने कहा, 'उसने जैसा कृत्य किया है, उसके लिए तो थप्पड़ क्या, उसे गोली मार देनी चाहिए. उसके कृत्य से पूरा जमुई शर्मिंदा है.' उन्होंने कहा कि वह एडवोकेट होने से पहले एक इंसान हैं और उनके अंदर भी मानवीय संवेदनाएं हैं.
कानून हाथ में लेने के सवाल पर पांडे ने कहा, 'उस हिसाब से कानून हमें जो सजा देगा, वह हमें मंजूर है, लेकिन एक बेटी के साथ ऐसा होगा तो हम लोग यह चीज नहीं सह पाएंगे.' उन्होंने आगे कहा कि घटना को लेकर उनके मन में पहले से आक्रोश था. आरोपी पर लगे आरोपों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा कृत्य निंदनीय है और कोई भी समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा.
कौन हैं नंदन और हरेराम?
पुलिस के मुताबिक नंदन यादव और हरेराम यादव प्रतापपुर गांव के रहने वाले हैं. दोनों ट्रैक्टर चलाते थे और बालू ढोने का काम करते थे. जमुई कांड का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने वायरल फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की थी. पुलिस ने मामले में कई लोगों की पहचान की और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की थी.
19 सितंबर को हुई थी घटना
पुलिस के अनुसार, यह घटना 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे हुई थी. बताया गया कि नाबालिग लड़की अपने दोस्त के साथ फोटो खींचने के लिए इलाके में गई थी. इसी दौरान कुछ युवकों ने दोनों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया.
120 सोशल मीडिया प्रोफाइल पर FIR
इस मामले में सिर्फ आरोपियों पर ही नहीं, बल्कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करते हुए वीडियो वायरल करने वालों पर भी पुलिस ने कार्रवाई की है. जमुई एसपी विश्वजीत दयाल के मुताबिक, करीब 120 अलग-अलग सोशल मीडिया प्रोफाइल धारकों के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़िता से जुड़ा वीडियो डाउनलोड, शेयर या दोबारा वायरल न करें. पुलिस ने मामले की जांच के लिए SIT भी गठित की है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.