scorecardresearch
 

'बिल्कुल भरोसे के लायक नहीं...' सीजफायर पर पाकिस्तान की फिर फजीहत, इजरायल ने सरेआम धो डाला

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर पर पाकिस्तान की फिर फजीहत हुई है. अब भारत में इजरायली राजदूत ने कहा कि उनका देश पाकिस्तान को मध्यस्थता में भरोसेमंद नहीं मानता है. वॉशिंगटन की ओर से शांति वार्ता में पाकिस्तान को शामिल करने का फैसला अमेरिका के रणनीतिक हितों से प्रेरित था.

Advertisement
X
इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने पाकिस्तान के दावों की धज्जियां उड़ाई ((Photo: ITG)
इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने पाकिस्तान के दावों की धज्जियां उड़ाई ((Photo: ITG)

पाकिस्तान ने पूरी दुनिया में अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर कराने को लेकर अपनी पीठ खुद थपथपाई. हालांकि, पाकिस्तान के दावे कुछ घंटे में ही गुब्बारे की तरह फूट गए. लेबनान पर इजरायल के ताबड़तोड़ हमले से ईरान बौखला गया और उसने खाड़ी देशों पर अटैक  शुरू कर दिए. इस तरह सीजफायर का बुलबुला भी फूट गया.

अब सीजफायर को लेकर अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर शर्तों से पीछे हटने की बात कह रहे हैं. वहीं ईरान का कहना है कि सीजफायर में लेबनान का भी जिक्र था और इस वादे को इजरायल ने तोड़ा है. इस बीच इजरायल ने भी पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाया है. भारत में इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि पाकिस्तान भरोसे के लायक नहीं है.

इस्लामाबाद में 10 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच महाजंग पर हो रही मीटिंग के बीच इजरायली राजदूत ने नई दिल्ली में कहा कि उनका देश पाकिस्तान को मध्यस्थता में भरोसेमंद नहीं मानता है.  उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन की ओर से शांति वार्ता में पाकिस्तान को शामिल करने का फैसला अमेरिका के अपने रणनीतिक हितों से प्रेरित था. हमने पहले भी देखा है कि अमेरिका ने कतर और तुर्की जैसे मुल्कों का इस्तेमाल हमास के साथ समझौता कराने के लिए किया है.

Advertisement

इजरायली हमले में लेबनान में भारी तबाही
रूवेन अजार ने आगे कहा, इजरायल के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि जिस परिणाम को हम देखना चाहते हैं, उसके नतीजे को हम अमेरिका के साथ तालमेल कर बनाए रखें. इजरायली राजदूत का यह बयान लेबनान पर हालिया हमलों और इस वजह से सीजफायर टूटने के बीच बेहम अहम  माना जा रहा है.

इजरायली डिफेंस फोर्स ने लेबनान में बेरूत के घनी आबादी वाले इलाकों को निशाना बनाया. लेबनानी अधिकारियों ने बताया कि इस महले में 182 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए. 

सीजफायर पर ट्रंप की नई धमकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ किया कि लेबनान युद्धविराम समझौते के दायरे में शामिल नहीं था, क्योंकि वहां हिज़्बुल्लाह की मौजूदगी है. वहीं ईरान का कहना है कि लेबनान का मुद्दा सीजफायर डील में शामिल था. लेबनान पर अलग-अलग दावों से अब पेच फंस गया है.

इस बीच ट्रंप ने नई धमकी में ईरान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अगर डील टूटी तो उसके खिलाफ पहले से कई ज्यादा घातक कार्रवाई की जाएगी. जब तक असली समझौता पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक अमेरिका की सेना, जहाज और हथियार ईरान के आसपास तैनात रहेंगे. वह ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु बम नहीं बनाने देंगे. ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पूरी तरह लगाम लगाना उनकी प्राथमिकता है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement