दुनिया के सबसे जरूरी समुद्री रास्ते हॉर्मुज पर ईरान ने तब से रोक लगा रखी है जब से अमेरिका और इजरायल के साथ उसकी जंग शुरू हुई. दुनिया का 20 फीसदी तेल इसी रास्ते से जाता है. लेकिन ईरान ने कुछ दोस्त देशों को इजाजत दे रखी है कि उनके जहाज गुजर सकते हैं. भारत उन देशों में शामिल है.
ग्रीन सानवी नाम का एक भारतीय जहाज हॉर्मुज से गुजरा. यह जहाज LPG यानी रसोई गैस लेकर जा रहा था, करीब 46,650 टन. यह सातवां भारतीय जहाज था जो इस बंद रास्ते से सफलतापूर्वक सुरक्षित निकला.
गुजरात के डिप्टी मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने ट्वीट किया और कहा कि 'एक और जहाज, एक और जीत भारतीय कूटनीति की.'
ईरान ने क्यों की गुजरात की तारीफ?
मुंबई में ईरान के दफ्तर ने संघवी के ट्वीट का जवाब दिया और कुछ खास बात कही. उन्होंने कहा कि भारत और खासकर गुजरात का ईरान के दिल में एक खास जगह है.
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यह बात उन्होंने 4000 साल पुराने रिश्ते की याद दिलाते हुए कही. गुजरात में लोथल नाम की एक पुरानी बंदरगाह थी जो सिंधु घाटी सभ्यता के समय ईरान के समुद्री किनारे से जुड़ी थी. मतलब भारत और ईरान का व्यापारिक रिश्ता हजारों साल पुराना है. ईरान ने कहा कि इस पुराने रिश्ते को और मजबूत करना चाहते हैं.
भारत के कितने जहाज अभी भी फंसे हैं?
अब तक 6 जहाज पहुंच चुके हैं भारतीय बंदरगाहों पर. लेकिन अभी भी करीब 17 भारतीय जहाज होर्मुज के उस तरफ फंसे हैं और इंतजार कर रहे हैं.
असली बात क्या है?
जब पूरी दुनिया के जहाज होर्मुज पर रुके हैं, तब भारत के जहाज निकल रहे हैं. इसका मतलब है कि भारत ने ईरान से अच्छे रिश्ते बनाए हुए हैं. न अमेरिका की खुलकर नाराजगी, न ईरान से दुश्मनी.