
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति बन गई है, जिसके तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर रेसिप्रोकल टैरिफ 50% से घटाकर 18% करने का ऐलान कर दिया है. इसके बदल भारत रूसी तेल की खरीद बंद करेगा और अमेरिकी ऊर्जा, तकनीक, कृषि उत्पादों आदि की खरीद बढ़ाने का वादा किया है. इस फैसले से भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखी गई है, खासकर झींगा निर्यात करने वाली कंपनियों के शेयरों में बड़ा उछाल आया है. हालांकि, अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की बारीकियां अभी स्पष्ट नहीं हैं.
इंडिया टुडे की OSINT टीम के विश्लेषण के अनुसार, भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील के बाद जब गूगल ट्रेंड्स डेटा की जांच की गई चौंकाने वाली जानकारी मिली, क्योंकि अमेरिकी भारत के प्रमुख निर्यात उत्पादों जैसे- हीरा, कपड़ा और पेट्रोलियम की तुलना झींगे (श्रिम्प और प्रॉन्स) को ज्यादा सर्च कर रहे थे. टैरिफ में कटौती की घोषणा के बाद अमेरिकियों की दिलचस्पी इस नन्हे समुद्री जीव में सबसे अधिक देखी गई है.

डेटा दिखाता है कि जब भी टैरिफ बढ़ाने या घटाने की खबरें आईं तो 'Shrimp' और 'Prawns' जैसे कीवर्ड्स के सर्च वॉल्यूम में तेज स्पाइक्स (उछाल) दर्ज किए गए.
'ट्रेड डील के बाद स्टार बना झींगा'
भारत दुनिया में झींगे का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है और मार्च 2025 को समाप्त वित्तीय वर्ष में भारत ने 500 करोड़ डॉलर मूल्य के जमे हुए झींगे का निर्यात किया. इसमें से लगभग 48 प्रतिशत हिस्सा अकेले अमेरिका को गया. हालांकि, बंगाल के कई घरों में इसे 'कीड़ा' कहकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन अमेरिका में यह डिनर टेबल का मुख्य हिस्सा है. लुइसियाना स्टू से लेकर झींगा कॉकटेल तक, अमेरिकी अपनी कुल खपत का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा भारत, इक्वाडोर और वियतनाम जैसे देशों से आयात करते हैं.

भारत, इक्वाडोर के बाद झींगा का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है. मार्च 2025 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में भारत ने वैश्विक स्तर पर 500 करोड़ डॉलर मूल्य के जमे हुए झींगा का निर्यात किया, जिसमें से लगभग 48 प्रतिशत बिक्री संयुक्त राज्य अमेरिका को हुई थी.
डील का बाजार पर असर
उधर, अगस्त में जब ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कही थी, तब निर्यातकों के शेयर दबाव में आ गए थे. दिसंबर में दिल्ली में हुई व्यापार प्रतिनिधिमंडल की बैठकों और अब 18 प्रतिशत टैरिफ के अंतिम फैसले ने स्थिति बदल दी है. सोमवार को इस खबर के आते ही कोस्टल कॉरपोरेशन और अन्य समुद्री खाद्य कंपनियों के शेयरों ने जोरदार रिकवरी की.
डेटा ये भी बताता है कि थैंक्सगिविंग और क्रिसमस जैसे त्योहारों के दौरान झींगे की मांग चरम पर होती है, जिसे अब कम टैरिफ का लाभ मिलेगा.

'भारत से US में क्या-क्या निर्यात होता है'
बता दें कि भारत से अमेरिका को निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में- टेक्सटाइल, स्मार्टफोन, रत्न-आभूषण और ऑटो पार्ट्स प्रमुख हैं. दिलचस्प बात ये है कि फार्मास्यूटिकल्स, स्मार्टफोन और ऊर्जा उत्पादों जैसी कुछ श्रेणियों को पहले से ही टैरिफ से छूट मिली हुई है. लेकिन झींगा उद्योग के लिए ये डील संजीवनी साबित हो सकती है, क्योंकि टैरिफ में कमी से अमेरिकी बाजारों में भारतीय झींगे की कीमतें कम होने के संकेत मिल रहे हैं. इससे भारतीय एक्सपोर्टर्स को इक्वाडोर जैसे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बढ़त मिलने की उम्मीद है.