गाजा पट्टी में अस्पताल पर हुए हमले में 500 लोगों की मौत हो गई. फिलिस्तीन ने आरोप लगाया है कि इजरायल ने इस अस्पताल पर बमबारी की है. वहीं, इजरायल ने दावा किया है कि फिलिस्तीन के इस्लामिक जिहाद द्वारा दागे गए रॉकेट के मिस फायर होने की वजह से यह हादसा हुआ. अब इस हमले पर हमास की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है. हमास ने कहा कि खून की एक भी बूंद को बर्बाद नहीं होने देंगे. इतना ही नहीं हमास ने सऊदी अरब समेत तमाम इस्लामिक देशों से अपील की है कि गाजा में अस्पताल पर हुए हमले को नजरअंदाज न किया जाए.
फिलिस्तीनी हमास नेता इस्माइल हनीयेह ने बयान जारी कर कहा, 18 अक्टूबर को सऊदी अरब में होने वाली इस्लामिक काउंसिल की बैठक में जो हमारे भाई मिलेंगे, वे अपनी आवाज बुलंद करें, उनके बयान मजबूत हो, स्थिति स्पष्ट हो. हमें आधा या तिमाही समाधान नहीं चाहिए.
सड़कों पर आकर आवाज उठाएं दुनियाभर के लोग- हमास नेता
इस्माइल हनीयेह ने कहा, सऊदी अरब और सभी अरब और इस्लामी देशों पर हमें भरोसा है. हमें भरोसा है कि यह खून बर्बाद नहीं जाएगा. यह शिखर सम्मेलन गाजा में हुए हमले को नजरअंदाज नहीं करेगा. मैं अरब और इस्लामी देशों के सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे इस नरसंहार, इस क्रूरता, इन अपराधों की निंदा करने के लिए बाहर निकलें, सभी राजधानियों में, सभी शहरों में निकलें. दश्मन को रोकने के लिए अपनी आवाज उठाएं. हमें एक साथ खड़ा होना चाहिए. हम इतिहास लिख रहे हैं, जो हमारे लोगों और राष्ट्र के लिए गौरव का अगला पृष्ठ होगा.
हम अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे- फिलीस्तीनी राष्ट्रपति
फिलिस्तीन ने भी अस्पताल पर हुए हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा, हमारे लोग अपनी मातृभूमि पर दृढ़ रहेंगे, और हम नहीं छोड़ेंगे, हम नहीं छोड़ेंगे, और हम नहीं छोड़ेंगे.
उन्होंने कहा, आज रात जो हुआ वह एक बड़ी त्रासदी और भयावह युद्ध नरसंहार है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता या जवाबदेही के बिना इसे जाने नहीं दिया जा सकता. आज रात हुई इस त्रासदी का सामना करते हुए और अपने लोगों की रक्षा के लिए, मैंने अपनी यात्रा को छोटा करने और इस बड़ी मुसीबत में अपने लोगों के बीच रहने के लिए अपनी मातृभूमि लौटने का फैसला किया है. मैं जॉर्डन और मिस्र में अपने भाइयों के साथ आज अम्मान में (अमेरिकी) राष्ट्रपति (जो) बाइडेन के साथ निर्धारित शिखर सम्मेलन को रद्द करने पर भी सहमत हूं.
फिलिस्तीनी राष्ट्रपति ने कहा, हमारे लोगों की सुरक्षा के लिए कई अंतरराष्ट्रीय निर्णय लिए गए हैं, लेकिन उन्हें लागू नहीं किया गया है क्योंकि अमेरिका उन्हें लागू नहीं करना चाहता है. हमारे लोगों के खिलाफ यह आक्रामकता रुकनी चाहिए और इन अपराधों का अंत होना चाहिए.