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परिंदों के लिए मसीहा बने 'पक्षीराज'... गुरुग्राम के बर्ड सेंटर में खुला पक्षियों का ICU, ग्लूकोज ड्रिप से बचा रहे बेजुबानों की जिंदगी

भीषण गर्मी के कारण पक्षी हीट स्ट्रोक और पैरालिसिस का शिकार हो रहे हैं. 'पक्षीराज' राजकुमार के सेंटर पर रोजाना 20-25 पक्षी आ रहे. जानें कैसे बचाएं इनकी जान...

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'पक्षीराज' के अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे 20-25 बीमार बेजुबान.(Photo:ITG)
'पक्षीराज' के अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे 20-25 बीमार बेजुबान.(Photo:ITG)

दिल्ली-NCR में सूरज इस कदर आग उगल रहा है कि सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि आसमान के सिकंदर भी 'क्रैश लैंडिंग' करने को मजबूर हैं. गुरुग्राम में इन दिनों मौसम की मार से बेहाल, बीमार और लाचार पक्षियों की तादाद अचानक बढ़ गई है. हालात यह है कि शहर के जाने-माने बर्ड रेस्क्यूअर जिन्हें लोग प्यार से 'पक्षीराज' कहते हैं के पास रोजाना 20 से 25 बीमार पक्षी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. आसमान से बरसती इस आफत ने बेजुबानों को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है.

इस जानलेवा गर्मी में पक्षियों को किसी एक नहीं, बल्कि तीन-तीन खतरनाक बीमारियों ने घेर रखा है. गुरुग्राम के बर्ड रेस्क्यूअर राजकुमार के मुताबिक, अस्पताल पहुंच रहे पक्षियों में सबसे ज्यादा ​हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन, पैरालिसिस और चेचक के तीन लक्षण देखे जा रहे हैं.

​हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन: पानी की कमी और चिलचिलाती धूप के कारण पक्षी उड़ते-उड़ते अचानक बेहोश होकर गिर रहे हैं.​

पैरालिसिस: शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की भारी कमी और अत्यधिक तापमान के कारण कई पक्षियों के पंख और पैर काम करना बंद कर चुके हैं.

चेचक: इस मौसम में पक्षियों में चेचक (फंगल और वायरल इन्फेक्शन) के मामले भी तेजी से बढ़े हैं, जो उनकी त्वचा और आंखों को प्रभावित कर रहे हैं.​"

रोजाना 20 से 25 पक्षी गंभीर हालत में आ रहे हैं. इनमें कबूतर, चील, तोते और गौरैया शामिल हैं. अगर इन्हें वक्त पर ओआरएस (ORS) या ग्लूकोज न मिले, तो इनकी जान बचाना मुश्किल हो जाता है."

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'पक्षीराज' का रेस्क्यू सेंटर बना आईसीयू 

गुरुग्राम का यह बर्ड सेंटर इन दिनों किसी मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल के आईसीयू जैसा नजर आता है. यहां लाचार पक्षियों को न केवल ग्लूकोज और ठंडी ड्रिप्स दी जा रही हैं, बल्कि उनके रहने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं ताकि उन्हें हीट वेव (लू) से बचाया जा सके. चेचक से पीड़ित पक्षियों को आइसोलेशन वार्ड में रखकर उनका विशेष एंटी-वायरल ट्रीटमेंट किया जा रहा है. देखें VIDEO:- 

आप कैसे बन सकते हैं इन बेजुबानों के 'सुपरहीरो'?

मौसम का यह टॉर्चर बेहद गंभीर है, लेकिन आपकी एक छोटी सी कोशिश किसी की जिंदगी बचा सकती है. 'पक्षीराज' और बर्ड लवर्स ने शहरवासियों से ये 3 आसान कदम उठाने की अपील की है.....

क्या करें?

छतों-बालकनी में पानी रखें

मिट्टी के बर्तनों में ताजा पानी रखें (लोहे या प्लास्टिक के बर्तन जल्दी गर्म हो जाते हैं).

ORS का घोल

अगर कोई पक्षी सुस्त दिखे, तो पानी में हल्का सा ग्लूकोज या ओआरएस मिलाकर दें.

छायादार ठिकाने

अपनी बालकनी या गार्डन में पक्षियों के बैठने के लिए छायादार जगह या कृत्रिम घोंसले बनाएं.

अगर आपको भी अपने आसपास कोई पक्षी बीमार या तड़पता हुआ दिखे, तो उसे तुरंत छांव में ले जाएं, पानी की बूंदें पिलाएं और तुरंत स्थानीय बर्ड रेस्क्यू टीम या 'पक्षीराज' से संपर्क करें. इस गर्मी में थोड़ी सी इंसानियत कई उड़ानों को थमने से बचा सकती है!

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