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Short Circuit Safety Tips: शॉर्ट सर्किट से अधिकतर घरों में लगती है आग! ये कब और क्यों होता है?

शॉर्ट सर्किट एक छोटी तकनीकी खराबी जरूर है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना बहुत महंगा पड़ सकता है. पुराने तार, ओवरलोड, ढीले कनेक्शन और खराब बिजली के उपकरण इसकी सबसे बड़ी वजहें हैं. यही कारण है कि छोटी-सी बिजली की खराबी कुछ ही मिनटों में बड़े हादसे का रूप ले सकती है.

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कुछ आसान सावधानियां अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. ( Photo: ITG)
कुछ आसान सावधानियां अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. ( Photo: ITG)

घरों में आग लगने की सबसे बड़ी वजहों में से एक शॉर्ट सर्किट है. हर साल हजारों घरों में सिर्फ बिजली की खराबी के कारण आग लग जाती है, जिससे लोगों की जान-माल का भारी नुकसान होता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर शॉर्ट सर्किट होता क्या है और इससे आग कैसे लग जाती है? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं. हमारे घर में बिजली दो तारों के जरिए चलती है.

एक तार बिजली लेकर आता है (फेज) और दूसरा उसे वापस ले जाता है (न्यूट्रल). सामान्य स्थिति में बिजली अपने तय रास्ते से होकर गुजरती है और पंखा, टीवी, फ्रिज या अन्य उपकरण सही तरीके से चलते हैं. लेकिन जब किसी कारण से दोनों तार सीधे आपस में छू जाते हैं या बिजली को बहुत छोटा रास्ता मिल जाता है, तो अचानक बहुत ज्यादा करंट फ्लो होने लगता है. इसी स्थिति को शॉर्ट सर्किट कहा जाता है.

शॉर्ट सर्किट से आग कैसे लगती है?
जब अचानक बहुत ज्यादा करंट फ्लो होता है, तो तार तेजी से गर्म होने लगते हैं. कई बार तापमान इतना बढ़ जाता है कि तारों की प्लास्टिक कोटिंग पिघल जाती है. अगर आसपास लकड़ी, कागज, कपड़े, फर्नीचर या कोई ज्वलनशील चीज मौजूद हो, तो उसमें आग लग सकती है. यही कारण है कि छोटी-सी बिजली की खराबी कुछ ही मिनटों में बड़े हादसे का रूप ले सकती है.

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शॉर्ट सर्किट होने के मुख्य कारण
शॉर्ट सर्किट होने के कई कारण हैं. सबसे पहला कारण पुराने या खराब बिजली के तार होते हैं. समय के साथ तारों की प्लास्टिक परत कमजोर हो जाती है. अगर दो नंगे तार आपस में छू जाएं, तो शॉर्ट सर्किट हो सकता है. इसके साथ ओवरलोड के कारण भी आग लगते हैं. एक ही बोर्ड या एक्सटेंशन में कई भारी बिजली के उपकरण, जैसे हीटर, प्रेस, गीजर और माइक्रोवेव एक साथ चलाने से वायरिंग पर ज्यादा दबाव पड़ता है. इससे तार गर्म होकर शॉर्ट सर्किट का कारण बन सकते हैं. इसके अलावा अगर स्विच, सॉकेट या वायर का कनेक्शन ठीक से नहीं लगा है, तो उसमें स्पार्किंग होती रहती है. यही स्पार्किंग आगे चलकर आग का कारण बन सकती है.

कई बार पुराने या खराब पंखे, फ्रिज, कूलर, चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान के अंदर खराबी आने पर भी शॉर्ट सर्किट हो सकता है. इसके अलावा अगर बिजली के तार या स्विच में पानी चला जाए, तो बिजली गलत रास्ते से बह सकती है, जिससे शॉर्ट सर्किट होने का खतरा बढ़ जाता है.

किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
अगर बार-बार फ्यूज या MCB का ट्रिप हो, स्विच या सॉकेट का ज्यादा गर्म हो, जलने जैसी गंध आए या स्पार्किंग या चिंगारी दिखाई दे तो शॉर्ट सर्किट हो सकते हैं. इसके अलावा लाइट का बार-बार टिमटिमाना या तारों की प्लास्टिक का पिघलने से शॉर्ट सर्किट हो सकती है. अगर आपके घर में ये संकेत दिखाई दें, तो तुरंत किसी योग्य इलेक्ट्रीशियन से जांच करवानी चाहिए.

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शॉर्ट सर्किट से कैसे बचें?
कुछ आसान सावधानियां अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

1. घर की वायरिंग समय-समय पर जांच करवाएं.
2. खराब तार और स्विच तुरंत बदलें.
3. एक ही सॉकेट में बहुत सारे उपकरण न लगाएं.
4. अच्छी क्वालिटी वाले बिजली के सामान का ही इस्तेमाल करें.
5. घर में सही क्षमता वाली MCB और ELCB/RCCB जरूर लगवाएं.
6. बच्चों को बिजली के तारों और सॉकेट से दूर रखें.
7. बारिश या पानी वाले स्थानों पर बिजली के उपकरण सावधानी से इस्तेमाल करें.

अगर शॉर्ट सर्किट से आग लग जाए तो क्या करें?
शॉर्ट सर्किट होने पर सबसे पहले मेन बिजली सप्लाई बंद करें. यदि आग छोटी है, तो CO₂ या ड्राई पाउडर फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल करें. बिजली की आग पर कभी भी सीधे पानी नहीं डालना चाहिए, क्योंकि इससे करंट लगने का खतरा बढ़ सकता है. यदि आग तेजी से फैल रही हो, तो तुरंत सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं और फायर ब्रिगेड को सूचना दें.

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