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'ये बेशर्म खड़े होकर...', लोकसभा में विपक्ष के हंगामे पर भड़़कीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एलपीजी सिलेंडर के मुद्दे पर विपक्ष के प्रोटेस्ट को गैर जिम्मेदाराना बताया है. उन्होंने कहा कि ये संसद की सीढ़ियों पर चाय पी रहे और मांग कर रहे एलपीजी पर चर्चा की.

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लोकसभा में वित्त मंत्री ने विपक्ष पर किया वार (Photo: ITG)
लोकसभा में वित्त मंत्री ने विपक्ष पर किया वार (Photo: ITG)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को एलपीजी सिलेंडर के मुद्दे पर प्रोटेस्ट कर रहे विपक्ष को आड़ेहाथों लिया. निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में विपक्ष की नारेबाजी पर कहा कि ये बेशर्म खड़े होकर मेरी आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये जितना भी शोर कर लें, हम अपनी कमिटमेंट्स में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. वह लोकसभा में अनुपूरक अनुदान मांगों के दूसरे बैच पर चर्चा का जवाब दे रही थीं.

वित्त मंत्री ने विपक्ष के हंगामे की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह का व्यवहार गैर जिम्मेदाराना है. उन्होंने कहा कि दूसरे देशों में बनी परिस्थितियों के कारण देश में कुछ मुश्किलें आई हैं. केंद्र सरकार इसे लेकर कदम उठा रही है. फंड उपलब्ध कराने से लेकर अन्य कदम तक, तैयारियां की जा रही हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसे में भी विपक्ष इस तरह का व्यवहार निंदनीय है. विपक्षी सदस्य संसद की सीढ़ियों पर चाय पी रहे और एलपीजी पर चर्चा की मांग कर रहे.

उन्होंने कहा कि सभी दलों को इस मुश्किल की घड़ी में देशहित के लिए साथ आना चाहिए था, सरकार का साथ देते हुए जनता के बीच उम्मीद जगानी थी. वित्त मंत्री ने आश्वस्त किया कि आम लोगों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए सरकार हर कदम उठा रही है, लेकिन विपक्षी दल यह मान बैठे हैं कि हंगामा करना ही उनका काम है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि ये पूछ रहे हैं कि सप्लीमेंट्री डिमांड्स फॉर ग्रांट्स क्यों लाए. 

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वित्त मंत्री ने कहा कि जब इमरजेंसी सिचुएशन डेवलप हुआ, तब उसके लिए इमरजेंसी फंड लाना गलत है क्या. उन्होंने विपक्ष को कठघरे में खड़ा करते हुए सवालिया लहजे में कहा कि क्या विपक्ष के लोग यह सुझाव रहे हैं कि अप्रत्याशित चुनौतियों के समय सरकार को 50 हजार करोड़ रुपये का एक फिस्कल बफर या इक्वलाइजेशन फंड नहीं बनाना चाहिए? वित्त मंत्री ने कहा कि विपक्ष के लोग मुझे सुन नहीं रहे हैं. उन्हें कोई समझ नहीं है और यही लोग फिर खड़े होकर पूछेंगे कि मनरेगा के लिए इस सरकार ने क्या दिया है,

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उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग कहेंगे कि मनरेगा का फंड कम कर दिया गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसे में मुझे समझ नहीं आता कि अपना गुस्सा कैसे नियंत्रित करूं. मनरेगा की जगह जब विकसित भारत-जी राम-जी बिल लाया गया था, तब इसके लिए 95 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था. इसे 1 अप्रैल से लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अनुदान मांगों के तहत भी इसके लिए अतिरिक्त 30 हजार करोड़ रुपये भी आवंटित किए गए हैं. फर्टिलाइजर्स के लिए भी हमने फंड का प्रावधान किया है.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि फर्टिलाइजर के लिए अनुदान मांग पर सवाल किसान विरोधी है. आने वाले रवि की फसल के लिए हम अभी ही प्रावधान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि किसानों के लिए फर्टिलाइजर्स सब्सिडी की कोई कमी नहीं होगी. इस सप्लीमेंट्री डिमांड में किसान वर्ग के लिए भी प्रावधान किया गया है. वित्त मंत्री के जवाब के बाद अनुपूरक अनुदान मांगों के दूसरे बैच को लोकसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया.
 

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