लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद सदन की कार्यवाही का पहला दिन हंगामेदार रहा. विपक्षी सांसदों ने संसद भवन के मकरद्वार पर एलपीजी शॉर्टेज के मुद्दे पर प्रोटेस्ट किया, वहीं सदन के भीतर भी बर्तनों की खनक गूंजने लगी. विपक्ष की महिला सांसदों ने बर्तन बजाकर एलपीजी शॉर्टेज के मुद्दे पर प्रोटेस्ट किया.
दरअसल, लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश की गईं अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा चल रही थी. चर्चा की शुरुआत सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अगुवाई कर रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद जगदंबिका पाल ने की थी. जगदंबिका पाल जब बोल रहे थे, इसी दौरान विपक्षी दलों की कुछ महिला सांसदों ने एलपीजी शॉर्टेज के मुद्दे पर ध्यान आकृष्ट कराने के लिए बर्तन बजाने शुरू कर दिए.
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पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की सांसद प्रतिभा मंडल, सयानी घोष, महुआ मोइत्रा और माला रॉय समेत अन्य महिला सांसद बर्तन बजा रही थीं. टीएमसी की महिला सांसद सदन में थाली, फ्राइन पैंग, चम्मच जैसे बर्तन लेकर पहुंची थीं. जगदंबिका पाल की स्पीच के दौरान विपक्षी सांसदों के बर्तन बजाने पर चेयर ने आपत्ति की. तब डिप्टी स्पीकर पैनल से बीजेपी की सांसद संध्या राय चेयर पर थीं.
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चेयर से संध्या राय ने कहा कि इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है. आप लोग अपनी सीट पर जाइए. उन्होंने विपक्षी सदस्यों से वेल खाली करने का आग्रह किया. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विपक्षी सदस्यों के प्रोटेस्ट पर कहा कि यह पूरी दुनिया के लिए कठिन समय है. ऐसे कठिन समय का मुकाबला देश को एकजुट होकर करना होगा. इस तरह की राजनीति करके ऐसी परिस्थितियों का मुकाबला नहीं किया जा सकता.