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RTI से खुलासा: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच किसानों के लिए बड़ी खबर! केंद्र सरकार ने खाद संकट से निपटने के लिए बनाया 'मास्टरप्लान'

इंडिया टुडे के आरटीआई के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया है कि देश में खाद की सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. सरकार आयात के स्रोतों में विविधता ला रही है ताकि किसी एक देश या रास्ते पर निर्भरता न रहे. इसके साथ ही कच्चे माल, जरूरी सामग्री और तैयार खाद, तीनों की सप्लाई सुरक्षित करने पर काम हो रहा है.

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आरटीआई में खुलासा हआ है कि केंद्र सरकार खाद आयात की रणनीति बदल रही है (Photo: PTI)
आरटीआई में खुलासा हआ है कि केंद्र सरकार खाद आयात की रणनीति बदल रही है (Photo: PTI)

आरटीआई से हुआ बड़ा खुलासा. केंद्र सरकार ने बताया कि देश में खाद यानी उर्वरक की सप्लाई को मजबूत बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं. सरकार का कहना है कि आयात के स्रोतों में विविधता लाई जा रही है ताकि किसी एक देश या रास्ते पर निर्भरता कम हो सके. साथ ही घरेलू स्तर पर भी उर्वरक सप्लाई चेन को मजबूत किया जा रहा है ताकि दुनिया में कहीं भी अस्थिरता आए तो भारत में खाद की कमी न हो.

इंडिया टुडे के आरटीआई आवेदन के जवाब में सरकार ने यह जानकारी दी है. सवाल पूछा गया था कि आयात के स्रोतों में विविधता लाने, जोखिम भरे रास्तों पर निर्भरता घटाने और घरेलू खाद सुरक्षा को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं. इस पर सरकार ने साफ कहा कि इस दिशा में कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं.

सरकार के जवाब के मुताबिक, आयात के स्रोतों में विविधता लाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है ताकि किसी भी क्षेत्र में राजनीतिक या आर्थिक अस्थिरता का असर भारत की खाद सप्लाई पर न पड़े. हाल के समय में पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच छिड़े युद्ध की वजह से दुनिया भर में सप्लाई चेन में जो दिक्कतें आई हैं और कीमतों में जो उतार चढ़ाव देखा गया है उसे देखते हुए यह कदम बेहद जरूरी माना जा रहा है.

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इसके अलावा सरकार ने बताया कि आयात के लिए बेहतर और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि खाद की सप्लाई लगातार बनी रहे. इसमें सिर्फ तैयार खाद ही नहीं बल्कि उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल और जरूरी सामग्री की सप्लाई को भी सुरक्षित करने पर काम हो रहा है.

आरटीआई के जवाब में यह भी सामने आया कि सरकार की रणनीति दोतरफा है. एक तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरीद के तरीकों को मजबूत किया जा रहा है तो दूसरी तरफ देश के भीतर सप्लाई चेन को भी बेहतर बनाया जा रहा है. 

इसमें लॉजिस्टिक्स यानी माल की ढुलाई व्यवस्था को सुधारना, समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना और बाहरी झटकों से निपटने की क्षमता बढ़ाना शामिल है. 

सरकार के इस कदम से साफ है कि नीति में एक बड़ा बदलाव आ रहा है, जिसका मकसद वैश्विक बाजार में आने वाले उतार चढ़ाव का असर कम करना और खेती किसानी को समय पर खाद मिलती रहे यह सुनिश्चित करना है, क्योंकि किसानों का काम काफी हद तक खाद की सही समय पर उपलब्धता पर ही निर्भर करता है.

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