गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा को लेकर राजनीतिक दलों की ओर से लगातार निंदा की जा रही है. केंद्र में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता संबित पात्रा ने ट्वीट कर कहा कि जिनको हम इतने दिनों से अन्नदाता कह रहे थे वो आज उग्रवादी साबित हुए.
दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से निंदा की जा रही है. लेकिन बीजेपी नेता संबित पात्रा ने इस हिंसा पर तीखी प्रतिक्रिया करते हुए कहा, 'जिनको हम इतने दिनों से अन्नदाता कह रहे थे वो आज उग्रवादी साबित हुए. अन्नदाताओं को बदनाम न करो, उग्रवादियों को उग्रवादी ही बुलाओ!!'
जिनको हम इतने दिनो से अन्नदाता कह रहें थे
— Sambit Patra (@sambitswaraj)
वो आज उग्रवादी साबित हुए।
अन्नदाताओं को बदनाम न क़रो, उग्रवादियों को उग्रवादी ही बुलाओ!!
पंजाब से बीजेपी सांसद और अभिनेता सन्नी देओल ने भी घटना पर निंदा की. उन्होंने कहा कि आज लाल किले पर जो हुआ उसे देख कर मन बहुत दुखी हुआ है.
आज लाल क़िले पर जो हुआ उसे देख कर मन बहुत दुखी हुआ है, मैं पहले भी, 6 December को ,Twitter के माध्यम से यह साफ कर चुका हूँ कि मेरा या मेरे परिवार का दीप सिद्धू के साथ कोई संबंध नही है।
— Sunny Deol (@iamsunnydeol)
जय हिन्द
बलिदान देने वालों का अपमानः भय्याजी जोशी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश (भय्याजी) जोशी ने कहा कि गणतंत्र दिवस के पवित्र दिन आज दिल्ली में जो हिंसा एवं उपद्रव हुआ, वह अत्यंत ही दुःखद एवं निंदनीय है. विशेषकर ऐतिहासिक स्थल लाल किले पर हुआ कृत्य देश की स्वाधीनता और अखंडता की रक्षा के लिए बलिदान देने वालों का अपमान है. लोकतंत्र में ऐसी अराजकता के लिए कोई स्थान नहीं है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सभी देशवासियों से आह्वान करता है कि राजनैतिक एवं वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठ कर प्राथमिकता से शांति के लिए प्रयास करें.
गणतंत्र दिवस के पवित्र दिन आज दिल्ली में जो हिंसा एवं उपद्रव हुआ वह अत्यंत ही दुःखद एवं निंदनीय है। विशेषकर ऐतिहासिक स्थल लालकिले पर हुआ कृत्य देश की स्वाधीनता और अखंडता की रक्षा के लिए बलिदान देने वालों का अपमान है। लोकतंत्र में ऐसी अराजकता के लिए कोई स्थान नहीं है।
— RSS (@RSSorg)
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इस बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हिंसा को लेकर कहा कि हिंसा करने वाले अन्नदाता नहीं हो सकते. देश विरोधियों की साजिश है. 72वें गणतंत्र दिवस को बदनाम करने वालों की घनघोर निन्दा करता हूं.
हिंसा करने वाले अन्नदाता नहीं हो सकते देश विरोधियों की साज़िश है
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1)
72 वें गणतंत्र दिवस को बदनाम करने वालों की घनघोर निन्दा करता हूँ
बीजेपी नेता राज्यवर्द्धन राठौर ने कहा कि इन कथित किसानों का मौलिक अधिकार आज खत्म हो गया.
यह समय आरोप प्रत्यारोप करने का नहीं है पर दुर्भाग्य से शिवसेना नेताओं को ऐसे वक़्त भी राजनीति सूझती है , हमेशा confused रहनेवाली शिवसेना दोनों तरफ से ढ़ोल बजाती है लोगों को अहंकार की नसीहत देने से पहले अपने गिरेबान में झाँक के देखे
— Ram Kadam - राम कदम (@ramkadam)
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बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि दिल्ली में आंदोलन के नाम पर जो हुआ क्या देश का किसान ऐसा कर सकता है.
दिल्ली में आंदोलन के नाम पर जो हुआ
— Kailash Vijayvargiya (@KailashOnline)
क्या देश का किसान ऐसा कर सकता है❓
बीजेपी नेता राम कदम ने कहा कि यह समय आरोप प्रत्यारोप करने का नहीं है पर दुर्भाग्य से संजय राउत जैसे शिवसेना नेताओं को ऐसे वक्त भी राजनीति सूझती है, हमेशा कन्फ्यूज्ड रहने वाली शिवसेना दोनों तरफ से ढोल बजाती है. लोगों को अहंकार की नसीहत देने से पहले अपने गिरेबान में झांक के देखे.