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नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों से खाली कराई गई सड़क, धरना खत्म

किसानों के द्वारा पुलिस प्रशासन से मांग की गई थी कि जिन किसानों पर भी गुंडा एक्ट लगा है या अन्य मामले दर्ज हैं वो वापस लिए जाएं. पुलिस प्रशासन द्वारा किसानों की मांग मान ली गई और दिल्ली से आने वाली सड़क को खोल दिया गया.

गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी से निपटती पुलिस (पीटीआई) गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी से निपटती पुलिस (पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • किसान यूनियन के साथ बातचीत के बाद समझौता
  • पुलिस की ओर से किसानों की सभी मांगें मानी गई
  • दिल्ली में हुई हिंसा की किसान मोर्चा ने निंदा की

नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों के द्वारा दिल्ली की ओर से आने वाली सड़क को खाली करा लिया गया है. पुलिस प्रशासन और भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष योगेश प्रताप की बातचीत के बाद किसानों ने धरना खत्म कर दिया है.

किसानों के द्वारा पुलिस प्रशासन से मांग की गई थी कि जिन किसानों पर भी गुंडा एक्ट लगाया गया है या अन्य मामले दर्ज किए गए हैं वो वापस ले लिए जाएं. पुलिस प्रशासन की ओर से किसानों की मांगें मान ली गईं जिसके बाद किसानों ने धरना खत्म कर दिया और इसके बाद दिल्ली से आने वाली सड़क को खोल दिया गया.

सड़क पर बड़ी संख्या में जुटे किसानों की ओर से पुलिस प्रशासन से कहा गया कि जिन किसानों पर भी गुंडा एक्ट लगाया गया है या अन्य तरह के मुकदमें दर्ज किए गए हैं अगर वो वापस लिए जाएंगे तब हम इस सड़क को खोल देंगे. लंबी चली बातचीत के बाद पुलिस प्रशासन की ओर से किसानों की मांगें मान ली गईं और दिल्ली से आने वाली सड़क को खोल दिया गया.

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हालांकि नोएडा से सटी राजधानी दिल्ली में स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है. लाल किले पर शाम करीब साढ़े 4 बजे तक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के वहां जमा होने को देखते हुए अब अतिरिक्त फोर्स वहां पर भेजी जा रही है. साथ ही लाल किले पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को निकालने के बाद किले के गेट को बंद करने का आदेश दिया गया है. 

मोर्चा ने की हिंसा की निंदा

दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा की संयुक्त किसान मोर्चा ने निंदा की है. मोर्चा ने बयान जारी करते हुए कहा कि आज की किसान गणतंत्र दिवस परेड में अभूतपूर्व भागीदारी के लिए हम किसानों को धन्यवाद देते हैं. हम आज की कुछ अवांछनीय और अस्वीकार्य घटनाओं की भी निंदा करते हैं, उनसे असंबद्धता करते हैं, खेद जताते हैं. मोर्चा ने आगे कहा कि हमारे सभी प्रयासों के बावजूद, कुछ लोग और संगठनों ने नियमों की उल्लंघना की है और निंदनीय गतिविधियों में लिप्त हुए हैं. असामाजिक तत्वों ने इस शांतिपूर्ण आंदोलन को तोड़ने की कोशिश की है. हमने हमेशा माना है कि शांति हमारी सबसे बड़ी ताकत है, और किसी भी हिंसक गतिविधि से आंदोलन को नुकसान पहुंचेगा.

संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से कहा गया कि किसान मोर्चा की टीम आज की परेड संबधी बनाई गई योजना के बारे में सभी घटनाओं की पूरी सूचना लेने की कोशिश कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही पूरी तस्वीर मिल जाएगी और एक विस्तृत प्रेस नोट जारी किया जाएगा. हमारी जानकारी यह है कि कुछ निंदनीय घटनाओ के बावजूद यह परेड अन्यथा शांतिपूर्ण चल रही है.

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