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तमिलनाडु: CM विजय पर पर्सनल कमेंट पड़ा भारी, DMK विधायक गिरफ्तार

मद्रास हाई कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद DMK विधायक अनीता आर. राधाकृष्णन को हिरासत में ले लिया गया है.

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डीएमके विधायक ने सीएम विजय के सिनेमा बैकग्राउंड को लेकर टिप्पणी की थी. (File Photo: ITG)
डीएमके विधायक ने सीएम विजय के सिनेमा बैकग्राउंड को लेकर टिप्पणी की थी. (File Photo: ITG)

तमिलनाडु पुलिस ने शुक्रवार को डीएमके विधायक अनीता आर. राधाकृष्णन को गिरफ्तार कर लिया. मद्रास हाई कोर्ट ने टीवीके चीफ और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में राधाकृष्णन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी.

पुलिस के मुताबिक, यह मामला 20 जून को तिरुचेंदूर के पास अत्तूर में पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की जयंती के मौके पर आयोजित एक जनसभा में राधाकृष्णन द्वारा दिए गए भाषण से जुड़ा है.

पुलिस ने बताया कि डीएमके विधायक ने कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ भड़काऊ बयान दिया था, जिसके बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था. हाई कोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत देने से इनकार करने के तुरंत बाद पुलिस ने राधाकृष्णन को गिरफ्तार कर लिया. जानकारी के मुताबिक, राधाकृष्णन ने विजय के लुक और फिल्म इंडस्ट्री से राजनीति में आने का मजाक उड़ाया था.

विजय पर DMK विधायक का बयान...

विधानसभा में कानून-व्यवस्था पर चर्चा के दौरान DMK विधायक एस. ऑस्टिन और मुख्यमंत्री के बीच हुई हालिया बहस का जिक्र करते हुए राधाकृष्णन ने कहा, "भाई ऑस्टिन ने CM की ओर उंगली उठाई और उनसे पूछा, 'क्या आप मुंह खोलकर कुछ नहीं बोलेंगे?' वे फंसे हुए लग रहे थे. ऐसा लग रहा था जैसे वे सोच रहे हों, 'मैं यहां कैसे फंस गया? घर पर एक एक्ट्रेस के साथ कितना खुश था. अब यहां फंस गया हूं.'"

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DMK विधायक ने विधानसभा में मुख्यमंत्री के बर्ताव की तुलना दुकान में आने वाले ग्राहक से की. उन्होंने कहा, "मैं एक व्यापारी हूं और जानता हूं कि जब कोई दुकान में आता है, तो वह कुछ खरीदना चाहता है या पैसे उधार लेना चाहता है. इसी तरह, मैं समझ सकता हूं कि वे विधानसभा में कैसा फंसा हुआ महसूस कर रहे थे."

गिरफ्तारी पर रिएक्शन देते हुए, डीएमके विधायक कनिमोझी ने राज्य सरकार पर विपक्ष के खिलाफ दबाने वाले तरीके इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और इस कार्रवाई को 'बहुत निंदनीय' बताया. सोशल मीडिया पोस्ट में, उन्होंने आरोप लगाया कि राधाकृष्णन को उनके चुनाव क्षेत्र में विकास कार्यों का इंस्पेक्शन करते वक्त गिरफ्तार किया गया था और इसे 'अत्याचारी सरकार' का 'पूरी तरह से अराजक' काम बताया. उन्होंने कहा कि DMK 'ऐसे दबाने वाले तरीकों के आगे कभी नहीं झुकेगी.'

लाइव लॉ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस जीके इलानथिरायण ने राधाकृष्णन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि एक मौजूदा विधायक के तौर पर उन्हें ऐसे बयान नहीं देने चाहिए थे.

जज ने यह भी कहा कि तमिलनाडु ने 1967 से फिल्म इंडस्ट्री से कई नेताओं को चुना है. ये बयान गैर-जरूरी थे.

याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा, "तमिलनाडु में 1967 से ही सिनेमा जगत के लोगों को वोट देकर चुना जा रहा है. तो फिर आप ऐसे बयान क्यों दे रहे हैं? आप कोई आम नागरिक नहीं हैं, आप विधानसभा के सदस्य हैं."

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