दिल्ली से सटे नोएडा-ग्रेटर नोएडा के कई इलाकों में बुधवार देर रात तेज हवा के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम का मिजाज बदल दिया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है. इससे पहले मौसम वैज्ञानिकों ने शाम और रात के समय 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं, बिजली चमकने और हल्की बारिश की आशंका जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया था.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रात के दौरान बहुत हल्की से हल्की बारिश और गरज के साथ तूफान आने की भविष्यवाणी करते हुए येलो अलर्ट जारी किया, जिसमें बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.
इसी क्रम में बुधवार देर रात एल्फा कमर्शियल मार्केट समेत ग्रेटर नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में शाम के समय अचानक तेज हवाएं चलीं, जिसके बाद जोरदार बारिश शुरू हुई. साथ ही काफी बड़ी मात्रा में ओले भी पड़े, जिससे मौसम एकदम से ठंडा हो गया. इस अचानक आए मौसमी बदलाव और आसमान में छाए बादलों के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पिछले कई दिनों से लू और उमस का टॉर्चर झेल रहे स्थानीय नागरिकों ने चैन की राहत भरी सांस ली है.
और ज्यादा मजबूत होगा प्री-मानसून
स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पालावत ने बताया कि क्षेत्र में देखी गई यह तेज हवा और बारिश की गतिविधि सेंट्रल पाकिस्तान के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से हुई है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 11 जून से ये प्री-मानसून सिस्टम और ज्यादा मजबूत होगा, जिससे दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी.
पालावत ने कहा, 'आने वाले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधि में काफी वृद्धि होने की संभावना है और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरने की उम्मीद है.'
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि अधिकतम तापमान में 42 डिग्री सेल्सियस से अधिक की तीव्र वृद्धि अक्सर मानसून से पहले की मजबूत मौसम सिस्टम से पहले होती है जो गरज के साथ तूफान-तेज हवाएं और व्यापक बारिश को ट्रिगर कर सकती हैं.
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच शहर के किसी भी प्रमुख मौसम केंद्र पर बारिश दर्ज नहीं की गई.
हिमाचल में ऑरेंज अलर्ट
इसके अलावा मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में 11 और 12 जून को ओलावृष्टि, बिजली गिरने और तेज हवाओं के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
मौसम विभाग ने बताया है कि कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है, जहां 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है.
मौसम विभाग के अनुसार, 11 जून से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित करने वाले एक नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य भर में 16 जून तक बारिश होने की संभावना है.
मंगलवार शाम से पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई. सराहन में 30 मिमी बारिश हुई, उसके बाद पालमपुर में 9.4 मिमी, रोहरू में 8 मिमी, मनाली में 6 मिमी, कोटखाई में 5.2 मिमी, नेरी में 2.5 मिमी, शिलारू और भरमौर में 2 मिमी, सांगला में 1.2 मिमी और जोत और जोगिंदरनगर में 1 मिमी बारिश हुई.
जोत, सुंदरनगर और कांगड़ा से गरज और बिजली गिरने की खबरें मिलीं, जबकि नेरी और सुंदरनगर में 37 किमी प्रति घंटे से 63 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं.
हिमाचल में रात के समय कुकुमसेरी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ऊना दिन के समय सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस था.