कई दिनों से उमस और चिपचिपे मौसम से परेशान दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा के लोगों को अब कुछ राहत मिल सकती है. उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने वाली सूखी हवाओं का पहुंचना शुरू हो गया है. इसके असर से अगले दो दिनों तक इन इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क और आरामदायक रहने का अनुमान है.
मौसम में यह बदलाव उस समय आया है, जब मॉनसून ट्रफ हिमालय की तलहटी के करीब खिसक गया है. इसके चलते उत्तर भारत में बारिश का पैटर्न भी बदल रहा है. फिलहाल पूर्वी और मध्य भारत में मॉनसूनी गतिविधियां ज्यादा सक्रिय हैं, जबकि पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-NCR के अधिकांश हिस्सों में बादल कम हैं और आसमान अपेक्षाकृत साफ बना हुआ है.
सैटेलाइट तस्वीर में साफ दिखा बदलाव
16 अगस्त की INSAT-3DS सैटेलाइट तस्वीर में भी मौसम के इस बदलाव की तस्वीर साफ नजर आई. मॉनसूनी बादलों की सबसे ज्यादा सक्रियता पूर्वी उत्तर प्रदेश से बिहार होते हुए बंगाल की खाड़ी तक दिखाई दी. इसके मुकाबले पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-NCR के बड़े हिस्से अपेक्षाकृत साफ आसमान के नीचे रहे. मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 10 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से लगातार चल रही उत्तर-पश्चिमी हवाएं इस क्षेत्र में सूखी हवा ला रही हैं. इससे हवा में नमी कम होने की उम्मीद है. हालांकि दिन के तापमान में बहुत बड़ी गिरावट नहीं आएगी, लेकिन नमी घटने से उमस कम होगी और लोगों को महसूस होने वाला तापमान भी अपेक्षाकृत कम लग सकता है.
17 अगस्त तक बारिश के आसार कम
अगले दो दिनों तक दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है. कुछ इलाकों में शाम के समय हल्की और छिटपुट बारिश हो सकती है, लेकिन 17 अगस्त तक इन क्षेत्रों में व्यापक बारिश की संभावना कम है. मॉनसून ट्रफ के हिमालय की तलहटी की ओर खिसकने से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और इनके आसपास के मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. यानी जहां मैदानी उत्तर-पश्चिम भारत को फिलहाल उमस से राहत मिल रही है, वहीं पहाड़ी राज्यों में बारिश का जोर बढ़ सकता है.
18-20 अगस्त के बीच बदलेगा मौसम
हालांकि दिल्ली-NCR और आसपास के राज्यों में यह राहत ज्यादा लंबी नहीं रहने वाली है. वेदर मॉडल के मुताबिक 18 से 20 अगस्त के बीच बंगाल की खाड़ी से बनने वाला कम दबाव का क्षेत्र जब जमीन के अंदर आगे बढ़ेगा, तो मौसम का मिजाज फिर बदल सकता है. इस सिस्टम के मॉनसून ट्रफ के साथ मिलकर उसे दोबारा दक्षिण की ओर खिसकाने की संभावना है. इसके प्रभाव से सप्ताह के आखिरी हिस्से और वीकेंड तक उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे वापस लौट सकती हैं.
आने वाले दिनों में यह कम दबाव का क्षेत्र पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में भारी बारिश को केंद्रित कर सकता है. फिलहाल दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा के लोगों को साफ आसमान, कम नमी और अपेक्षाकृत आरामदायक मौसम के रूप में मॉनसूनी उमस से थोड़े समय की राहत मिलती दिख रही है.