यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को लेकर बुधवार-गुरुवार की रात को शिमला में हिमाचल प्रदेश और दिल्ली पुलिस के बीच टकराव देखने को मिला. रातभर दो राज्यों के पुलिस के बीच हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. इस पूरे प्रकरण के दौरान स्थानीय पुलिस ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को रोका और आख़िरकार फिर ये पूरा मामला कोर्ट में जाकर शांत हुए. आइए इस पूरे घटनाक्रम का टाइमलाइन जानते हैं.
मंगलवार देर रात दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस के कुछ जवान हिमाचल में छिपे 3 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तलाश में दाखिल होते हैं. दिल्ली पुलिस शिमला जिले के दूरदराज इलाके रोहडू के चिडगांव स्थित रेस्ट हाउस से तीनों आरोपियों को हिरासत में लेती है और अपने साथ सीसीटीवी फुटेज की डीवीआर तथा एक काले रंग की थार लेकर दिल्ली के लिए रवाना होती है.
यह घटनाक्रम बुधवार सुबह करीब 6 बजे का है. इसके बाद दिल्ली पुलिस को शिमला से होते हुए सोलन और फिर हिमाचल से बाहर निकलना था. लेकिन शिमला पुलिस को दिल्ली पुलिस की मौजूदगी की भनक लग गई. शिमला पुलिस ने नाका लगाकर दिल्ली पुलिस की एक गाड़ी को शिमला के आईएसबीटी के पास रोका. पूछताछ में पता चला कि उनसे आगे कुछ और गाड़ियां निकल चुकी हैं. इसके बाद शिमला पुलिस ने शिमला के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट शोघी बैरियर पर नाका लगाकर एक और गाड़ी को रोक लिया. हालांकि दिल्ली पुलिस की दो और गाड़ियां वहां से पहले ही निकल चुकी थीं. इसके बाद शिमला पुलिस ने सोलन में नाका लगवाया और उन दो गाड़ियों को भी पूछताछ के लिए शिमला लाया गया. यह घटनाक्रम दिन भर चलता रहा.
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दोपहर करीब 2 बजे शिमला की जिला अदालत में दिल्ली पुलिस और हिमाचल पुलिस पहुंचे. यहां शिमला पुलिस की ओर से अदालत में कहा गया कि दिल्ली से आए 18 लोग रोहडू से 3 लोगों को अगवा कर अपने साथ ले जा रहे थे. पूछताछ में वे खुद को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम बता रहे थे.
करीब शाम 7 बजे तक शिमला पुलिस और दिल्ली पुलिस के बीच दस्तावेजों और पूछताछ की प्रक्रिया जारी रही. इसके बाद अचानक दिल्ली पुलिस अपने साथ हिरासत में लिए गए तीनों आरोपियों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो गई. अदालत परिसर में ही शिमला पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे रोक नहीं पाए. इसके बाद घटनाक्रम और नाटकीय हो गया. दिल्ली पुलिस की गाड़ियां शिमला से रवाना तो हुईं.
लेकिन, रात करीब 8 बजे शोघी बैरियर पर नाका लगाकर उन्हें फिर रोका गया. यहां दिल्ली पुलिस और शिमला पुलिस के अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई. शिमला पुलिस के अधिकारियों ने दिल्ली पुलिस को बताया कि उनके खिलाफ हिमाचल से 3 लोगों को अगवा करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है.
रात करीब 9 बजे तक शोघी बैरियर पर यह हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा. इसके बाद रात करीब साढ़े 11 बजे दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर शिमला के दीन दयाल अस्पताल पहुंची, जहां उनका मेडिकल करवाया गया.
रात करीब साढ़े 12 बजे दिल्ली पुलिस सीजेएम शिमला के घर पहुंची. सीजेएम ने मामले को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया. इसके बाद दिल्ली पुलिस एसीजेएम के घर पहुंची.
रात करीब डेढ़ बजे दिल्ली पुलिस को ट्रांजिट रिमांड मिल गया. सभी दस्तावेज पूरे करने के बाद दिल्ली पुलिस एक बार फिर दिल्ली के लिए रवाना हुई.
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लेकिन कुछ दूरी तय करने के बाद देर रात करीब 2 बजकर 45 मिनट पर शिमला के कनलोग में फिर से शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस को रोक लिया. वहां भी करीब एक घंटे तक स्थिति बनी रही. इसके बाद दिल्ली पुलिस आगे के लिए रवाना होती दिखी.
सुबह करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस की टीम फिर शोघी बैरियर पहुंची, जहां शिमला पुलिस ने उन्हें एक बार फिर रोका. इसके बाद वीरवार सुबह करीब 6 बजे दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर एक बार फिर दिल्ली के लिए रवाना हो गई.