देश भर में विजयादशमी की धूम है. इस बार दशहरे के अवसर पर रावण दहन के साथ कई ज्वलंत मुद्दों को भी जोड़ा गया है. कहीं नकली दवाओं और MRP की लूट को 'आज का रावण' बनाकर पेश किया जाएगा तो कहीं रावण के साथ कॉकरोच का पुतला भी जलाया जाएगा. दिल्ली में कहीं 221 फीट तो कहीं 110 फीट ऊंचे रावण के पुतले आकर्षण का केंद्र हैं. खास बात यह है कि एक पुतले की तलवार घूमेगी तो कहीं उसकी आंखें जलती हुई नजर आएंगी.
रावण के हाथ में मौजूद तलवार घूमेगी
दिल्ली की प्रसिद्ध लव कुश रालीला में इस बार 110 फुट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया है. इस बार रावण का पुतला काफी खास तैयार किया गया है. पुतले के हाथ में मौजूद तलवार घूमेगी और उसकी आंखें जलती हुई नजर आएंगी. इसके अलावा, रावण के पुतले पर 11 अलग रंगों की 11 मालाएं भी होंगी.
नकली दवाओं और MRP की लूट का रावण
रामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ के विदयादशमी उत्सव में 'आज का रावण' का पुतला तैयार किया गया है. यह रावण का पुतला आज की बुराइयों का प्रतीक होगा. यह नकली दवाओं, MRP के नाम पर उपभोक्ताओं से होने वाली कथित लूट का प्रतीक होगा. यह कमेटी पिछले 25 सालों से यह कार्यक्रम आयोजित कर रही है. यह कार्यक्रम पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन स्थित DDA ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा. पीएम मोदी मुख्य अतिथि के तौर पर इस कार्यक्रम में शामिल होंगे.
221 फुट ऊंचा रावण
दिल्ली के द्वारका श्री रामलीला सोसायटी द्वारा 221 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया है. इसे भारत में रावण का सबसे ऊंचा पुतला बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, इसे बनाने में करीब ₹38 लाख से ₹40 लाख खर्च किए गए हैं. इसके साथ ही 90-90 फीट के कुंभकरण और मेघनाद के पुतले भी लगाए गए हैं.
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कॉकरोच का पुतला
दिल्ली के पितमपुरा में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों के साथ ही कॉकरोच का पुतला भी लगाया गया है. आयोजकों ने इसे गंदगी और अस्वच्छता का प्रतीक बताया है. आयोजकों का कहना है कि उनकी इस पहल का मकसद लोगों को सफाई के प्रति जागरूक करना है.
समिति के अध्यक्ष अशोक गोयल ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल या मुद्दे से प्रेरित पहल नहीं है. इसका उद्देश्य अच्छाई की बुराई पर जीत और साफ-सफाई के महत्व को सामने लाना है. उन्होंने बताया कि समिति पहले भी नक्सलवाद और आतंकवाद जैसे मुद्दों के प्रतीकात्मक पुतले जला चुकी है.
दिमागी नक्सल पुतला
उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित रामलीला मैदान में रावण दहन के लिए 75 फुट ऊंचा पुतला तैयार किया गया है. इस पुतले में यांत्रिक रूप से हिलने-डुलने वाले हिस्से लगाए गए हैं. इसे 'राष्ट्र-विरोधी', 'सनातन-विरोधी' और 'दिमागी नक्सलवाद' का प्रतीक बताया गया है.
181 फुट ऊंचा पुतला
देहरादून के परेड ग्राउंड में रावण का 181 फुट ऊंचा पुतला तैयार किया गया है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रिमोट की मदद से इस पुतले का दहन करने वाले हैं.
प्रमुख शहरों में रावण दहन का समय
नई दिल्ली: शाम 5:48 बजे के बाद
लखनऊ: शाम 5:35 बजे के बाद
नोएडा: शाम 5:47 बजे के बाद
गाजियाबाद: शाम 5:47 बजे के बाद
कानपुर: शाम 5:38 बजे के बाद
वाराणसी: शाम 5:26 बजे के बाद
जयपुर: शाम 5:54 बजे के बाद
भोपाल: शाम 5:51 बजे के बाद
मुंबई: शाम 6:12 बजे के बाद
पटना: शाम 5:18 बजे के बाद
पुणे: शाम 6:30 बजे के बाद
कोलकाता: शाम 5:07 बजे के बाद
हैदराबाद: शाम 5:21 बजे के बाद
बेंगलुरु: शाम 5:58 बजे के बाद
चेन्नई: शाम 5:47 बजे के बाद
दशहरा पर क्यों किया जाता है रावण दहन?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम ने दशहरे के दिन रावण का वध किया था. इसी खुशी में हर साल विजयादशमी पर रावण के पुतले जलाए जाते हैं. रावण दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. यह त्योहार हमें सिखाता है कि कितना भी बुरा समय हो, अंत में जीत सच्चाई की ही होती है.