हरियाणा के रोहतक से कांग्रेस के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने लोकसभा में वित्त विधेयक पर बोलते हुए सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने केंद्र सरकार के 12 वर्ष के कार्यकाल में रुपया गिरने से लेकर कर्ज बढ़ने तक, 12 रिकॉर्ड गिनाए और कहा कि देश में सिलेंडर क्राइसिस तो है ही, सरेंडर क्राइसिस भी है. आपने स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी भी सरेंडर कर दी. आज अमेरिका फैसला कर रहा है कि भारत कहां से तेल लेगा, कितने में लेगा.
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अमेरिका फैसला कर रहा है, घोषणा भी कर रहा है वेनेजुएला से तेल आएगा. अमेरिका फैसला कर रहा है सीजफायर कब होगा. उन्होंने वित्त मंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि देश में अगर आजादी से पहले पांच बजे बजट पेश होता था, क्योंकि ग्रेट ब्रिटेन के लोग पांच बजे जाग जाते थे. दीपेंद्र हुड्डा ने तंज करते हुए कहा कि हमें लग रहा है कि अगले बजट तक आपको रात के 12 बजे बजट पेश ना करना पड़े,
इससे पहले, दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि रिकॉर्ड बने हैं 12 साल में और रिकॉर्ड टूटे भी हैं. ये रिकॉर्ड ऐसे बने हैं, जिनसे यह पता चलता है कि आज अर्थव्यवस्था कितनी गंभीर परिस्थिति में है. दीपेंद्र हुड्डा ने सुषमा स्वराज को याद करते हुए कहा कि 12 साल पहले विपक्ष की नेता रहते हुए उन्होंने इसी सदन में कहा था कि जैसे-जैसे रुपया गिरता है, देश की प्रतिष्ठा भी गिरती है. तब रुपया 50 के पार गया था. उनकी बात सही थी. रुपया 78 साल में इतना सस्ता कभी नहीं हुआ, जितना आपकी सरकार में. ये पहला रिकॉर्ड आपने तोड़ा है.
उन्होंने कहा कि आप कहेंगे कि युद्ध चल रहा है. क्रूड ऑयल महंगा हो गया है. 2009 में जब क्रूड ऑयल की कीमत 147 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी, तब रुपया 48 के आसपास था. 2014 में जब हमारी सरकार गई, तब क्रूड ऑयल सौ डॉलर प्रति बैरल के आसपास ही था और रुपया 60 के करीब. दीपेंद्र हुड्डा ने तंज करते हुए कहा कि आप कहते हो कि वर्ल्ड फास्टेस्ट ग्रोविंग इकोनॉमी. मैं कहता हूं वर्ल्ड फास्टेस्ट फालिंग करेंसी. मैंने तुलना की है कि पिछले तीन साल में दुनिया की कौन सी करेंसी में सबसे ज्यादा गिरावट हुई है- इरानियन रियाल, लेबनीज पाउंड और भारतीय रुपया.
78 साल में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी इतना महंगा नहीं हुआ- हुड्डा
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि ईरान और लेबनान में तो बम गिर रहे हैं. हमारे देश में कौन सा बम गिर रहा है. वित्त मंत्री बताएं जब जवाब दें. दूसरा रिकॉर्ड, 78 साल के इतिहास में डीजल, पेट्रोल, एलपीजी और यूरिया इतना महंगा नहीं हुआ, जितना आपकी सरकार में. उन्होंने कहा कि हमारे समय 2014 में पेट्रोल 70, डीजल 50 और एलपीजी 400 रुपये का था. आज पेट्रोल 96, डीजल 88 और एलपीजी 913 रुपये पर है. हुड्डा ने कहा कि ये तब था, जब हमने क्रूड ऑयल के दाम सौ से डेढ़ सौ डॉलर तक का हमने सामना किया था. आज सौ डॉलर पर ही इतना महंगा कर दिया.
उन्होंने कहा कि हमारे समय पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी नौ रुपये प्रति लीटर, डीजल पर साढ़े तीन रुपये और आज प्रत्येक लीटर पेट्रोल पर आप 23 रुपये, 21 रुपये डीजल पर टैक्स वसूल रहे हैं. दीपेंद्र हुड्डा ने यूएन की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि आपकी सरकार में असमानता का रिकॉर्ड बन गया. यह रिकॉर्ड गलत नीतियों के चलते बना. किसान पर 32 लाख करोड़ का कर्जा खड़ा है और आपने कॉर्पोरेट के 16 लाख करोड़ माफ कर दिए. उन्होंने एयर एविएशन से लेकर टेलीकॉम तक, एक कंपनी के पास बड़ी हिस्सेदारी का मुद्दा उठाया और सरकार को घेरा और बेरोजगारी को लेकर भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया.
पहली बार एफडीआई के बराबर हुई ओडीआई, 82 परसेंट कर्ज- हुड्डा
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि एक रिकॉर्ड व्यापार घाटे का भी बना. हमारे समय में व्यापार घाटा 126 बिलियन डॉलर था. पिछले साल 78 साल का रिकॉर्ड बन गया और व्यापार घाटा 283 बिलियन डॉलर पहुंच गया. आप आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं, आपने विश्व निर्भर भारत बनाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि निवेश पर आपके ही दावे की हवा ये आपका ही इकोनॉमिक सर्वे निकाल रहा है. पिछले वर्ष एक रिकॉर्ड बना. 78 साल में सबसे ज्यादा फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर ने 20 अरब अमेरिकी डॉलर भारत के बाजार से निकालने का काम किया. हुड्डा ने कहा कि आपकी सरकार में एफडीआई तो कम हुई ही हुई है, इस बार पहली मर्तबा हुआ है कि वह ओडीआई (ओवरसीज डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट) के बराबर पहुंच गया है.
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उन्होंने कहा कि इस वर्ष देश में 29.1 बिलियन डॉलर की एफडीआई आई देश में, लेकिन 29.2 बिलियन डॉलर की ओडीआई यानी हमारी कंपनियां बाहर ले गईं. कर्जे को लेकर आपने कहा है कि 56 परसेंट है. सच्चाई यह है कि केंद्र और राज्यों का कर्जा मिला दिया जाए तो यह 82 परसेंट है. दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि 2014 में जब हमारी सरकार थी, तब 68 बिलियन डॉलर का कर्जा था देश पर. आज वह 738 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का काम आपने किया है. दीपेंद्र हुड्डा को रोकते हुए चेयर से संध्या राय ने उनसे अपनी बात पूरी करने को कहा.
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इस पर उन्होंने कहा कि मेरा समय 15 मिनट था. वित्त मंत्री अपनी मर्जी से यहां आई हैं और आते ही आप उनको बुलवाएंगी, ये ठीक नहीं है. हमें अपना समय तो पूरा मिलेगा. दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि आप टैक्स सरल करने की बात करते हैं. इनकम टैक्स अपीलेट में आठ लाख करोड़, सीआईटी में 16 लाख करोड़ आपका फंसा हुआ है. हर वर्ष इनकी गिनती बढ़ रही है. इतना पैसा आपका फंसा हुआ है, जो भारत के रक्षा बजट से तीन गुना है. उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में सबसे कम डिफेंस बजट करने का काम आपकी सरकार में हुआ. जीडीपी का 1.6 परसेंट. हमारे समय जीडीपी का ढाई परसेंट था.