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दतिया उपचुनाव: कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को दिया टिकट, तो नरोत्तम मिश्रा को उद्धव ठाकरे की पार्टी से मिला बड़ा 'ऑफर'

Datia By-election 2026: दतिया विधानसभा उपचुनाव का सियासी ड्रामा अब एक बेहद दिलचस्प मोड़ पर आ गया है. एक तरफ जहां मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने पत्ते खोलते हुए घनश्याम सिंह को मैदान में उतार दिया है, वहीं दूसरी तरफ टिकट कटने से नाराज चल रहे भाजपा के दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा को महाराष्ट्र से शिवसेना (UBT) का एक बड़ा और चौंकाने वाला ऑफर मिल गया है.

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बाएं से नरोत्तम मिश्रा और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह.(Photo:ITG)
बाएं से नरोत्तम मिश्रा और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह.(Photo:ITG)

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने जा रहा उपचुनाव अब देश की सियासत का सबसे हॉट टॉपिक बन चुका है. पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद मचे बवाल के बीच दो बड़ी घटनाएं हुईं. कांग्रेस ने इस सीट से घनश्याम सिंह को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया. दूसरी और सबसे चौंकाने वाली घटना यह रही कि महाराष्ट्र की प्रमुख पार्टी शिवसेना (UBT) ने नाराज नरोत्तम मिश्रा को दतिया से चुनाव लड़ने का खुला न्योता दे दिया है.

जिले के पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष 72 वर्षीय घनश्याम सिंह का दतिया राजघराने से संबंध हैं. वह तीन बार विधायक रह चुके हैं. पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है.

दतिया राजघराने से हैं घनश्याम सिंह

दतिया और सेवढ़ा से पूर्व विधायक रहे घनश्याम सिंह के पिता महाराज कृष्ण सिंह जू देव साल 1984 में कांग्रेस के टिकट पर भिंड-दतिया से लोकसभा के लिए चुने गए थे.

घनश्याम सिंह ने पहली बार 1993 में BJP उम्मीदवार शंभू दयाल तिवारी को हराकर दतिया विधानसभा सीट जीती थी. 1998 में टिकट न मिलने के बाद, सिंह 2003 में अवधेश नायक को हराकर दतिया से विधानसभा में लौटे. 2008 के विधानसभा चुनाव में वे BJP नेता नरोत्तम मिश्रा से हार गए थे.

कांग्रेस नेता सिंह ने 2013 में सेवढ़ा से चुनाव लड़ा लेकिन हार गए, फिर 2018 में यह सीट जीती. हालांकि, 2023 के विधानसभा चुनाव में वे BJP के प्रदीप अग्रवाल से हार गए.

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सिंह ने बताया, "मैं उपचुनाव जीतने जा रहा हूं. मैं विकास के लिए काम करूंगा और दतिया में फैली बदले की भावना वाली राजनीति और जातिवाद को खत्म करने पर ध्यान दूंगा."

मिश्रा हां कहें, उद्धव-आदित्य खुद आएंगे MP

उधर, मुंबई में हेडक्वार्टर वाली शिवसेना (UBT) ने नरोत्तम मिश्रा को टिकट देने का ऑफर दिया. शिवसेना (UBT) के MP प्रमुख सुनील शर्मा ने कहा कि अगर मिश्रा यह ऑफर स्वीकार करते हैं, तो पार्टी अध्यक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे समेत अन्य नेता मध्य प्रदेश में उनके लिए प्रचार करेंगे.

सुनील शर्मा ने एक न्यूज एजेंसी को बताया, "मैंने अपनी लीडरशिप से बात करने के बाद मिश्रा को यह ऑफर दिया है." उन्होंने आगे कहा, "मैंने मध्य प्रदेश IT सेल के प्रमुख नहार सिंह गौर से कहा कि वे मिश्रा को दिए गए इस निमंत्रण का वीडियो मैसेज सोशल मीडिया पर शेयर करें."

बता दें कि महाराष्ट्र में सेना (UBT) के 20 विधायक और तीन लोकसभा सांसद हैं. हाल ही में उसे तब झटका लगा जब उसके 6 लोकसभा सदस्य महाराष्ट्र के डिप्टी CM एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्ताधारी शिवसेना में शामिल हो गए.

ठाकरे की पार्टी का यह ऑफर BJP की ओर से 30 जुलाई को होने वाले दतिया उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित करने के एक दिन बाद आया है, जिससे मिश्रा के समर्थकों में विरोध शुरू हो गया था.

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आशुतोष तिवारी की उम्मीदवारी की घोषणा के बाद पूर्व मंत्री के समर्थकों ने प्रदर्शन किए, नेशनल हाईवे जाम किया, बाजार बंद कराया और स्थानीय BJP ऑफिस में ताला लगा दिया. साथ ही, उन पर हिंसा करने का भी आरोप है, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए.

BJP के टिकट में अब कोई बदलाव नहीं

इस बीच, MP कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने BJP उम्मीदवार में किसी भी बदलाव की संभावना को खारिज कर दिया है.

यह उपचुनाव तब जरूरी हो गया जब कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के एक मामले में दोषी ठहराए जाने और तीन साल की जेल की सजा मिलने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया. भारती ने साल 2023 के विधानसभा चुनावों में दतिया से मिश्रा को हराया था. दतिया में मतदान 30 जुलाई को होगा और वोटों की गिनती 3 अगस्त को होगी.

 

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