कांग्रेस ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर संसद में विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्वारा दिए गए बयान की आलोचना की है. कांग्रेस के विदेश मामलों के विभाग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की एनडीए सरकार की ओर से दिया गया यह बयान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्ट प्रतिक्रिया देने में विफल रहा. कांग्रेस के मुताबिक, विदेश मंत्री के बयान में भारत के रणनीतिक क्षेत्र में ईरानी नौसेना के जहाज आईआरआईएस डेना (IRIS Dena) के अमेरिकी हमले में डूबने की घटना पर कोई विरोध दर्ज नहीं कराया गया.
कांग्रेस ने कहा कि इस तरह की घटना पर केंद्र सरकार की चुप्पी से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सुरक्षा प्रदाता की भूमिका प्रभावित होती है. कांग्रेस ने अमेरिका और इजरायल के हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देने के लिए भी केंद्र सरकार की आलोचना की. पार्टी के विदेश मामलों के विभाग द्वारा जारी बयान में कहा गया, 'किसी संप्रभु देश के राष्ट्राध्यक्ष की हत्या की निंदा नहीं की गई और न ही उन गंभीर भू-आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के समाधान पेश किए गए जिनका सामना भारत को करना पड़ सकता है.'
कांग्रेस के बयान में यह भी कहा गया कि विदेश मंत्री जयशंकर ने संसद में इस सैन्य संघर्ष के चलते कच्चे तेल, बासमती चावल, यूरिया और उर्वरकों के द्विपक्षीय व्यापार पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव और पश्चिम एशिया में रह रहे लगभग 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी कोई ठोस प्रस्ताव नहीं दिया. कांग्रेस के मुताबिक, भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को कैसे विविध बनाएगा और ऊर्जा संप्रभुता को कैसे मजबूत करेगा, इस पर भी विदेश मंत्री के बयान में कोई स्पष्ट रणनीति नहीं थी.
Statement on EAM’s Parliamentary Statement
The Indian National Congress (INC) expresses grave concern at the External Affairs Minister (EAM) Dr S. Jaishankar’s vapid parliamentary statement on behalf of the Bharatiya Janta Party (BJP) government on 9 March 2026.
The EAM’s… pic.twitter.com/rlWFENX4Hr— Salman Khurshid (@salman7khurshid) March 9, 2026
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया विदेश यात्रा और युद्ध को लेकर उनके समर्थन ने यह धारणा मजबूत की है कि भारत ग्लोबल साउथ के नैतिक नेतृत्व से पीछे हट रहा है. पार्टी का कहना है कि ऐसे कदम नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को कमजोर करने वाले प्रतीत होते हैं. कांग्रेस ने यह भी कहा कि विदेश मंत्री का बयान बदलते वैश्विक परिदृश्य को लेकर किसी स्पष्ट दृष्टि या ठोस रणनीति को प्रस्तुत नहीं करता.
कांग्रेस ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत के मूल्यों और हितों की रक्षा के लिए मजबूत और दूरदर्शी नीति की आवश्यकता है. पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति और भारतीय विदेश सेवा को कमजोर करने वाले कदम देश को रणनीतिक रूप से दूसरे देशों पर निर्भर होने की स्थिति की ओर धकेल रहे हैं, जिससे स्वतंत्रता के बाद से हासिल कूटनीतिक और रणनीतिक उपलब्धियां प्रभावित हो सकती हैं.