लोकसभा में बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण में विवादास्पद हिस्सा हटा दिया गया. ये हिस्सा पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण (मेमॉयर) पर आधारित एक लेख से लिया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के चरित्र का जिक्र किया गया था.
दरअसल, सोमवार को राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि वे पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के कुछ अंशों का हवाला देना चाहते हैं जो एक मैगजीन (कारवां) में प्रकाशित लेख के रूप में सामने आए हैं.
राहुल ने कहा, 'इस आर्टिकल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के चरित्र के बारे में जनरल नरवणे ने लिखा है.' नेता प्रतिपक्ष की इस लाइन को स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही से हटा दिया है.
उन्होंने दावा किया कि ये लेख भारत-चीन सीमा विवाद पर महत्वपूर्ण जानकारी देता है, जिसमें 'चीनी टैंक' और राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका का जिक्र है. इस बयान पर तुरंत राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई और कहा कि अप्रकाशित किताब का हवाला सदन के नियमों के खिलाफ है. गृह मंत्री अमित शाह ने भी उनका समर्थन किया और कहा कि सदन को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए.
साथ ही लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने नियम 349(i) का हवाला देते हुए राहुल गांधी को अप्रकाशित सामग्री पढ़ने से रोक दिया.
इसके बाद विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में हंगामा शुरू कर दिया, जिसकी वजह से कार्यवाही कई बार स्थगित हुई और अंततः दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई.
]मैं आर्टिकल को कोट कर रहा हूं'
लोकसभा के स्थगित होने के बाद राहुल ने इस मुद्दे पर लेकर संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा, मैं ये कहने की कोशिश कर रहा हूं कि नरवणे ने अपनी किताब में प्रधानमंत्री और राजनाथ सिंह के बारे में साफ-साफ लिखा है. यही बात एक आर्टिकल में आई है. मैं उसी आर्टिकल को कोट कर रहा हूं, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा है.
नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि मैं ये नहीं कह रहा हूं कि ये मैंने लिखा है. पूर्व आर्मी चीफ नरवणे ने ये किताब लिखी है. वे लोग डरे हुए हैं, क्योंकि अगर ये किताब सामने आ गई तो नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह की असली सच्चाई लोगों को पता चल जाएगी. लोगों को ये भी पता चल जाएगा कि जब चीन हमारे सामने खड़ा था और आगे बढ़ रहा था, तब 56 इंच की छाती कहां गई थी.'