उन्होंने कहा कि अगर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन करना पड़ सकता है. हालांकि, उन्होंने साफ कहा है कि वे अराजकता या आंदोलन के समर्थक नहीं हैं, लेकिन देश में हो रही गड़बड़ियों को ठीक करना जरूरी है.
बाबा रामदेव का कहना है कि देश में चारों तरफ हंगामा है. उन्होंने कहा, 'स्कूल, कॉलेजों से बच्चें शिकायत कर रहे हैं कि बिजली-पानी नहीं है, किताबें नहीं है. अगर पेपर पास कर लिया तो 10वीं 12वीं के नंबर कहीं नहीं जुड़ते. प्रतियोगी परीक्षाओं के जरिए चयन होता है. सरकारी नौकरी में इंटरव्यू के दौरान 90-99% घोटाला होता है. अपने संगठन, जाति, वर्ग के लोगों को रखते हैं और बाकी को बाहर कर देते हैं. यह न्याय के खिलाफ है. इंटरव्यू में पैसे लेकर, रिश्वत लेकर भर्ती होती है. अगर नहीं सुधरे तो देश में आंदोलन होगा. मैं आंदोलन, अराजकता का समर्थक नहीं हूं लेकिन देश में घपला बहुत है. इसे ठीक कर लें नहीं तो ऐसा न हो कि बाबा रामदेव को आंदोलन करना पड़ जाए.'

