देश के अलग-अलग हिस्सों से स्वतंत्रता दिवस की अलग-अलग तस्वीरें निकल कर आईं, जिन्होंने लोगों का दिल जीत लिया. एक ऐसा नजारा असम के शिवसागर में नजीरा को-डिस्ट्रिक्ट के नेपाली खुटी गांव में भी देखने को मिला, जहां बाढ़ प्रभावित लोगों ने 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया. हाल की भीषण बाढ़ ने इलाके में भारी तबाही मचाई थी.
घर मोटी कीचड़ में दब गए थे और लोगों के साथ-साथ जानवरों को भी भारी नुकसान हुआ था. राहत शिविरों और अस्थायी ठिकानों में रह रहे ग्रामीण एकजुट होकर स्वतंत्रता दिवस मनाने पहुंचे. सामान्य राहत सामग्री के कपड़े पहने ग्रामीणों ने तबाह हुई जमीन के एक हिस्से को साफ किया और वहां तिरंगा फहराया.
25 साल से ज्यादा समय तक शिवसागर बाढ़ की मार से बचा रहा. अहोम साम्राज्य की पुरानी राजधानी रहे इस इलाके के तालाब, मंदिर और चाय बागानों तक एक पीढ़ी से बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा था. लेकिन जुलाई 2026 की एक रात पानी फिर लौटा और अपने साथ भारी तबाही लेकर आया.
बाढ़ का पानी शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जिलों में फैल गया, जो आमतौर पर असम के हर साल आने वाली बाढ़ से प्रभावित इलाकों में शामिल नहीं होते. करीब 800 गांव इसकी चपेट में आ गए. दिखो नदी का जलस्तर अब तक दर्ज सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर से भी ऊपर पहुंच गया. हजारों परिवारों को अपने घर छोड़कर तटबंधों और सड़कों के किनारे रात गुजारनी पड़ी, जबकि उनके घर कीचड़ से भर गए.