बिहार के बगहा में बाघ के हमले की एक घटना से हड़कंप मच गया. वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के भेड़ियाड़ी बंगाली टोला में एक व्यक्ति की जान चली गई. मृतक की पहचान हरि बंगाली के पुत्र विजय कुमार के रूप में हुई है. घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में डर के साथ वन विभाग के खिलाफ नाराजगी भी देखने को मिली.
परिजनों के मुताबिक, विजय कुमार अपने घर के पीछे खेत में घास काट रहे थे. इसी दौरान वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल की तरफ से आए बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया. हमले में विजय कुमार की मौके पर ही मौत हो गई. घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल के आसपास जुट गए.
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घटना की जानकारी मिलने के बाद बगहा की एसडीएम चांदनी कुमारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं. उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बातचीत की. प्रशासन की टीम ने ग्रामीणों को समझाकर स्थिति संभालने की कोशिश की.
वन विभाग की टीम पहुंची तो भड़का गुस्सा
घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे. हालांकि, ग्रामीण पहले से ही आक्रोशित थे. लोगों ने वन विभाग की टीम के सामने अपनी नाराजगी जताई और इलाके में बाघों की आवाजाही को लेकर सवाल उठाए.
स्थिति उस समय और बिगड़ गई, जब गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग की गाड़ी को घेर लिया. लोगों ने लाठी-डंडों से वाहन पर हमला किया और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया. इसके बाद ग्रामीणों ने गाड़ी को पलट दिया. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी हालात को नियंत्रित करने में जुटे रहे.
ग्रामीणों का गुस्सा सड़क तक भी पहुंच गया. लोगों ने वाल्मीकिनगर-मदनपुर मार्ग पर जाम लगा दिया. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को समझाने तथा यातायात बहाल कराने की कोशिश करते रहे. घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और दहशत का माहौल बना रहा.
बाघ की तलाश में जुटा वन विभाग
विजय कुमार की मौत के बाद भेड़ियाड़ी बंगाली टोला सहित आसपास के इलाकों में लोग डर के माहौल में हैं. ग्रामीणों को आशंका है कि बाघ अभी भी आसपास के जंगल या रिहायशी इलाके में मौजूद हो सकता है. इसे देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है.
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की टीम बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रही है. प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.
वन विभाग की ओर से बाघ की मौजूदगी और हमले की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि घटना के तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
जांच के बाद मिलेगा मुआवजा
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व-2 के डीएफओ विकास हलावत ने बताया कि घटना की जांच के लिए वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण जांच में परेशानी आ रही है. ग्रामीणों से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, व्यक्ति की मौत टाइगर अटैक में हुई है.
डीएफओ के मुताबिक, वन विभाग की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है. घटना की वास्तविक परिस्थितियों और बाघ के हमले की पुष्टि के लिए जरूरी जानकारी जुटाई जा रही है.
उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने के बाद नियमों के मुताबिक पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी. फिलहाल प्रशासन और वन विभाग की टीमें इलाके में मौजूद हैं और बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है.