कांग्रेस ने असम चुनाव के लिए 42 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. लोकसभा में विपक्ष के उपनेता और जोरहाट से सांसद गौरव गोगोई, जोरहाट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे. अभिजीत पॉल को सिलचर से, इंद्रनील पेगु को माजुली से और मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को दिसपुर से उम्मीदवार बनाया गया है. रिपुन बोरा बरचल्ला से चुनाव मैदान में होंगे. असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है. निर्वाचन आयोग (ECI) किसी भी दिन असम विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है.
कांग्रेस पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने अपर असम, लोअर असम और बराक घाटी के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में कई आरक्षित और सामान्य सीटों के लिए उम्मीदवारों का चयन कर लिया है. कई मौजूदा विधायकों को भी पहली सूची में शामिल किया गया है. प्रमुख उम्मीदवारों में गिरीश बरुआ को बोंगाईगांव से, महानंदा सरकार को बरपेटा (SC) से और रामेन सिंह राभा को बोको-चायगांव (SC) से टिकट दिया गया है. नंदिता दास को हाजो-सुआलकुची (SC) से मैदान में उतारा गया है, जबकि सत्यब्रत कलिता कमलपुर से चुनाव लड़ेंगे.
असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली लिस्ट 👇
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कांग्रेस ने दिगंता बर्मन को बरखेत्री से उम्मीदवार बनाया है. अशोक कुमार सरमा को नलबाड़ी से और रतुल पटुवारी को तिहु से मैदान में उतारा गया है. सेंट्रल और अपर असम की सीटों से पार्टी ने सिपाझार से बिनंदा कुमार सैकिया, जागीरोड (SC) से बुबुल दास, रूपाहिहाट से नूरुल होदा, समागुरी से तंजील हुसैन और राहा (SC) से उत्पल बनिया को टिकट दिया है. प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने जिन 42 सीटों पर उम्मीदवारों का एलान किया है, यहां वह अपनी जीत की संभावनाओं को लेकर काफी आश्वस्त है.
वर्तमान विधानसभा में भाजपा के 64 सदस्य हैं, जबकि उसके सहयोगियों असम गण परिषद के 9, यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल के 7 और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट के 3 सदस्य हैं. विपक्ष में कांग्रेस के 26 विधायक, एआईयूडीएफ के 15 और सीपीआई (एम) का 1 विधायक है. एक निर्दलीय विधायक भी है. साल 2021 के असम विधानसभा चुनाव में, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 75 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी थी, जो राज्य में पहली बार किसी गैर-कांग्रेसी गठबंधन की लगातार दूसरी जीत थी. कांग्रेस के नेतृत्व वाले महाजोत गठबंधन ने 50 सीटें जीतीं, जो 2016 में उसकी 26 सीटों की तुलना में अधिक थीं.