राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के तेवर कुछ दिन से बदले-बदले नजर आ रहे हैं. अशोक गहलोत कई मुद्दों को लेकर अपनी ही कांग्रेस पार्टी को घेर रहे हैं. अब उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नरम रुख के कारण ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) आज यहां तक पहुंचा. इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि देश असल में भाजपा-आरएसएस के राज में हिंदू राष्ट्र बन चुका है और बस इसकी औपचारिक घोषणा होनी बाकी है.
गहलोत ने बीजेपी और RSS पर निशाना भी साधा. उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाती है और अगर कांग्रेस सत्ता में रहते हुए इसी भावना से काम करती तो बीजेपी-RSS पनप नहीं पाते.
उन्होंने कहा, 'मैं सोच-समझ के बोल रहा हूं कि आज आरएसएस यहां तक आया है तो कांग्रेस के नरम रुख के कारण. इन्होंने 100 साल निकाल दिए. इनकी जो हरकतें हैं, उस ढंग से अगर कांग्रेस भाजपा-आरएसएस के साथ में व्यवहार करती तो ना तो भाजपा इतना पनपती और न ही आरएसएस पनपता.'
उन्होंने कहा कि आरएसएस पर दो बार प्रतिबंध लगाया गया था और बाद में माफी मांगने पर प्रतिबंध हटा लिया गया था. गहलोत ने दावा किया कि अल्पसंख्यकों को दबाया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि देश असल में हिंदू राष्ट्र तो बन चुका है, खाली औपचारिक घोषणा करनी बाकी है.
गहलोत ने आरोप लगाते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों को दबाया गया, चाहे वे मुस्लिम अल्पसंख्यक हो, या फिर सिख हों, या ईसाई हों. उन्होंने कहा, 'ऐसा पहले कभी नहीं देखा मैंने. अल्पसंख्यकों के खिलाफ इनके हौसले बढ़ते जाएंगे। ये कुछ भी कर सकते हैं.'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं जो बार-बार कह रहा हूं कि अगर आज इंदिरा गांधी होतीं तो इन पर प्रतिबंध लगा देतीं. ऐसा मैंने क्यों कहा? आपके इस सवाल का पूरा जवाब उसी बात में छिपा हुआ है. आज देश में जो हालात बन गए हैं, उन्हें गहराई से समझने की जरूरत है. आज देश में जैसी हरकतें हो रही हैं, जिस तरह चुनी हुई सरकारें और पार्टियां तोड़ी जा रही हैं, वह लोकतंत्र के लिए घातक है.'
उन्होंने मांग की कि भाजपा को अपनी बड़ी इमारतों और पार्टी दफ्तरो के निर्माण और धन के स्रोत के बारे में जवाब देना चाहिए.