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दिल्ली-NCR अब और करीब... ढाई घंटे का सफर अब सिर्फ 75 मिनट में! ग्वालियर से आगरा बीच बनेगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

ग्वालियर और चंबल संभाग के लिए विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है. आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे उत्तर और मध्य भारत के बीच की दूरी को न सिर्फ कम करेगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए एक 'गेम-चेंजर' साबित होगा.

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आगरा एक्सप्रेसवे के जरिए सीधे दिल्ली-NCR से जुड़ा मध्य प्रदेश. (Photo: Representational)
आगरा एक्सप्रेसवे के जरिए सीधे दिल्ली-NCR से जुड़ा मध्य प्रदेश. (Photo: Representational)

ग्वालियर संभाग के लिए बड़ी अवसंरचना पहल के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जल्द ही आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शुरू करने जा रहा है. लगभग 88 किमी लंबे इस 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर की अनुमानित कीमत करीब 4600 करोड़ रुपये है.

यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह एक्सेस-कंट्रोल्ड होगा, जिससे बिना रुकावट और सुरक्षित यात्रा संभव होगी. इसके बनने से ग्वालियर से आगरा और आगे NCR तक का सफर काफी तेज और आसान हो जाएगा.

इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. मुरैना, भिंड, शिवपुरी और दतिया जैसे जिलों को भी इस एक्सप्रेसवे का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी. कुल मिलाकर, यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच एक मजबूत आर्थिक सेतु साबित हो सकता है.
 

कुल लंबाई: तकरीबन 88.40 किलोमीटर

अनुमानित लागत: 4600 करोड़ रुपये

प्रकार: 6-लेन (एक्सेस-कंट्रोल्ड)

मुख्य शहर: आगरा, धौलपुर, मुरैना, ग्वालियर

समय की बचत: 2.5 घंटे से घटकर 1.25 घंटे (सवा घंटा)

कार्यकारी एजेंसी:  NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण)

प्रोजेक्ट की 5 बड़ी विशेषताएं

- इस मार्ग पर कोई अनधिकृत कट नहीं होगा.

- इंटरचेंज और फ्लाईओवर के जरिए ही प्रवेश और निकास मिलेगा, जिससे वाहन 100-120 किमी/घंटा की समान गति से सुरक्षित चल सकेंगे.

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- आगरा के माध्यम से यह मार्ग ग्वालियर को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ देगा.

- ग्वालियर-मुरैना क्षेत्र के कृषि उत्पादों और औद्योगिक माल को दिल्ली-NCR के बाजारों तक पहुंचाना अब सस्ता और तेज होगा.

- लॉजिस्टिक लागत में भारी कमी आएगी.

- एक्सप्रेसवे पर अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, स्मार्ट साइनज, सेफ्टी बैरियर्स और आपातकालीन सहायता केंद्र होंगे.

- सड़क के दोनों ओर व्यापक पौधारोपण और हरित पट्टी का निर्माण किया जाएगा, जो इसे एक 'इको-फ्रेंडली' कॉरिडोर बनाएगा.

- यह एक्सप्रेसवे 'गोल्डन ट्रायंगल' (दिल्ली-आगरा-जयपुर) के करीब होने के कारण ग्वालियर के पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगा.

- आगरा आने वाले विदेशी पर्यटक अब आसानी से ग्वालियर के किले और दतिया-शिवपुरी के पर्यटन केंद्रों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय हस्तशिल्प और होटल उद्योग को सीधा लाभ होगा.

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